आंवलाघाट में अवैध खनन में लिप्त जेसीबी।
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आंवलाघाट में रामगंगा का सीना चीर कर अवैध खनन किया जा रहा है। शनिवार को खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने आंवलाघाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बांस के पास एक टिप्पर (यूके 05-सीए-0522) को पकड़ लिया। खनन अधिकारी ने टिप्पर को पुलिस के हवाले कर दिया है तथा इसके चालक लक्ष्मण कुमार से पूछताछ की।
खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 500 मीटर तक जेसीबी से नदी का सीना चीरा गया है। उसके निशान नदी तट पर साफ देखे जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन टिप्पर रेता भर कर गए हैं। अवैध खनन में सत्ताधारी एक नेता की संलिप्तता भी सामने आ रही है। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को देखते हुए रसूखदारों के फोन खनन अधिकारी को घनघनाते रहे।
आंवलाघाट में रामगंगा से नगर और आसपास के गांवों के लिए लिफ्टिंग पेयजल योजना बनाई गई है। यहां बने पानी के कुओं के आसपास माफिया अवैध खनन में लगे हैं। इससे नगर में पानी की आपूर्ति तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही अवैध खनन से खतरा भी बना हुआ है। खनन विभाग ने किसी को कोई खनन पट्टा भी जारी नहीं है। इसके बावजूद जेसीबी से खनिज निकालकर उसे क्षेत्र के साथ ही नगर में भी बेचा जा रहा है। अवैध खनन की शिकायत कई बार जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी की गई लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
घनघनाते रहे सत्ताधारी नेताओं के फोन
आंवलाघाट रामगंगा नदी में अवैध खनन की शिकायत पर पहुंचे खनन अधिकारी प्रदीप कुमार के पास रसूखदारों के फोन घनघनाते रहे। खनन अधिकारी ने कहा कि रामगंगा में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम के निर्देश पर पहुंचे पटवारी
रामगंगा में अवैध तरीके से हो रहे खनन की जानकारी राजस्व उपनिरीक्षक को भी नहीं है। मामला उपजिलाधिकारी तुषार सैनी के संज्ञान में आने पर उन्होंने राजस्व उप निरीक्षक दिगंबर सिंह खोलिया को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। खोलिया ने बताया कि वे चुनाव ड्यूटी में व्यस्त थे, इसके चलते पिछले 15-20 दिन से क्षेत्र में नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।