जर्जर हालत में प्राथमिक स्कूल जीबल का भवन
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प्राथमिक विद्यालय जीबल का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। विभाग को बार-बार सूचना देने के बाद भी पिछले दो साल से विद्यालय भवन की मरम्मत नहीं की गई है। इससे नाराज अभिभावकों ने नया भवन नहीं बनने पर अपने बच्चों को दूसरे स्कूल में भेजने की चेतावनी दी है।
गंगोलीहाट तहसील मुख्यालय से सात किमी दूर स्थित प्राथमिक पाठशाला जीबल में वर्तमान में 34 बच्चे पढ़ते हैं। यह विद्यालय भवन दो साल पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। तीन कमरों वाले स्कूल भवन की छत और दीवारें जर्जर हाल हैं। बारिश होने पर बच्चों को बरामदे पर बैठाना पड़ता है। अधिक बारिश होने पर बरामदे में भी पानी टपकने लगता है। ऐसे में शिक्षकों को मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती है। एसएमसी अध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि दो सालों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जर्जर हाल हो चुके स्कूल भवन की मरम्मत की मांग बार-बार की जा रही है।
इसके बावजूद बजट स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। पुराने भवन में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बच्चों के लिए खतरा भी बना है। एसएमसी अध्यक्ष मंजू देवी के अलावा अभिभावक हेमा देवी, पूजा देवी, पुष्कर सिंह, रणजीत सिंह, कमला देवी, ममता देवी आदि अभिभावकों का कहना है कि उनकी मांग पर ध्यान नहीं गया तो वह बच्चों को दूसरे स्कूल में भेज देंगे।
नौले से पानी ढोते हैं बच्चे
गंगोलीहाट। 34 की छात्र संख्या वाले प्राथमिक पाठशाला जीबल में बच्चों के पीने के लिए पानी तक नहीं है। मध्यान्ह भोजन सहित पीने के लिए नौले से पानी ढोना पड़ता है। बच्चे भी अपनी प्यास बुझाने के लिए इसी नौले से पानी ढोते हैं। अभिभावकों ने उप शिक्षाधिकारी और जिला शिक्षाधिकारी को ज्ञापन भेजकर स्कूल में पेयजल कनेक्शन शीघ्र लगाने की मांग की है।
स्कूल भवन की मरम्मत के लिए दो बार प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। अब तक बजट नहीं मिला है। बजट स्वीकृत होते ही भवन की मरम्मत करा दी जाएगी।
-किशोर पंत, खंड शिक्षा अधिकारी, गंगोलीहाट।