बजेत गांव में शिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर लोगों से तेंदुए के मूववेंट की जानकारी ली।
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। बजेत गांव में महिला कलावती देवी को मारने वाले आदमखोर तेंदुए के शिकार के लिए मुरादाबाद से पहुंचे शिकारियों ने घटनास्थल के पास एक खाली मकान में मचान बना दिया है। इधर, वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। दोपहर में ग्रामीणों को दो बच्चों के साथ तेंदुआ दिखाई दिया।
बजेत गांव में लोग तेंदुए की दहशत से परेशान हैं। आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए मुरादाबाद से शिकारी राजीव सोलमन और नदीम खान को बुलाया गया है। उनके साथ वन विभाग की टीम के साथ पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने घटना स्थल के पास खाली मकान में मचान बना दिया है।
उनका कहना है कि जल्द ही आदमखोर का खात्मा कर दिया जाएगा। पोस्टमैन चंदन सिंह का कहना है कि दोपहर में कनालीछीना से ख्वांतड़ी जाते समय उन्हें सिरोली गांव के पास अपने दो बच्चों के साथ मादा तेंदुआ दिखाई दी। एसडीओ नवीन पंत का कहना है कि शीघ्र ही आदमखोर को मार दिया जाएगा।
भोजन और पानी के लिए आबादी की ओर आ रहे तेंदुए
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। आबादी में वन्यजीवों की बढ़ती दस्तक से पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों में दहशत का माहौल है। वनों में घटता भोजन और पानी की कमी इसका प्रमुख कारण है। भालू, बंदर, जंगली सुअरों ने पहाड़ी क्षेत्रों में खेतीबाड़ी का तानाबाना बिगाड़ दिया है। पहाड़ के गांवों से हो रहे पलायन के कारण गांवों में खेती कम हो गई है। खेतों में झाड़ियां उगने लगीं हैं।
इनमें छिपे पशु, पक्षियों को खाने के लिए तेंदुए भी आ रहे हैं।इसी कारण तेंदुओं के हमलों में जिले में सात लोगों को मौत हुई है और पांच से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। वन विभाग के एसडीओ नवीन पंत का कहना है कि जंगलों में मानव हस्तक्षेप बढ़ने के कारण भोजन की कमी हुई ही है। पानी के प्राकृतिक स्रोत भी सूख रहे हैं। इसी कारण तेंदुए आबादी की ओर आ रहे हैं। ंवाद)