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मुनस्यारी में ओलावृष्टि, पिथौरागढ़, अस्कोट, डीडीहाट में बारिश

Mon, 08 Apr 2019 10:38 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
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घर में घुसा नाले का गंदा पानी। - फोटो : पिथौरागढ़
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सोमवार को जिलेभर में बारिश हुई। बारिश से कई घंटे तक जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। धारचूला में बारिश ने नगरपालिका के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। कई दुकानों में बारिश के पानी के साथ मलबा घुस गया। इसको लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। मुनस्यारी में ओलावृष्टि हुई।
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सोमवार को आसमान सुबह से ही बादलों से घिरा रहा। जिला मुख्यालय में अपराह्न तीन बजे से साढ़े चार बजे तक लगातार बारिश हुई। हल्की ओलावृष्टि भी हुई। उसके बाद भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार फुलबस्ती, ग्वाल गांव को आने वाली निकास नाली बंद होने से मुख्य बाजार के साथ ही तल्ली बाजार में एसएस दताल, बसंती देवी की दुकान के साथ ही 8 अन्य दुकानों, गोदामों में पानी और मलबा घुस गया। कई घरों में भी मलबा घुस गया। दुकानों में सामान खराब हो गया। सड़क में कचरा फैल गया।

व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निकास नाली की सही व्यवस्था न होने से हर साल बरसात में ऐसे ही हाल रहते हैं। लगातार मांग करने के बाद भी पालिका हरकत में नहीं आ रही है। मुनस्यारी में बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से फल, सब्जी को नुकसान पहुंचा है। बारिश, ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई है। अस्कोट में काफी बारिश हुई। डीडीहाट में डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई।
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चंपावत। सोमवार को सुबह धूप के बाद दोपहर 12.30 बजे से एकाएक बादल और फिर तेज बारिश हुई। मौसम के बदलते रंग ने ठंड में भी इजाफा कर दिया। जिले के अधिकांश हिस्सों में हुई बारिश खेती के लिए फायदेमंद होने के साथ ही पेयजल किल्लत को दूर करने में भी कुछ हद तक मददगार होगी। चंपावत में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के चलते कुछ देर चुनाव प्रचार भी प्रभावित रहा।

धारचूला। बारिश और बर्फ पिघलने से महाकाली नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सोमवार को नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। पिछले तीन दिन से उच्च हिमालयी क्षेत्र में हो रही बारिश और हिमालयी क्षेत्र में बर्फ पिघलने को नदी का जलस्तर बढ़ने का कारण माना जा रहा है। महाकाली नदी का जलस्तर हर साल गर्मियों में बढ़ जाता है। इस बार की बारिश ने उसमें और इजाफा कर दिया है।
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