शुक्रवार की शाम हुई भारी ओलावृष्टि से दर्जनों गांवों में रही सही फसल भी चौपट हो गई है। राजस्व विभाग ने एक बार क्षति का आकलन तो कर लिया है लेकिन कल शाम के नुकसान के बाद फिर से आकलन की तैयारी की जा रही है।
ताजा ओलावृष्टि से दूनाकोट, खेतारकन्याल, देवबिसौना, बोरागांव, रानीखेत, मालाझूला, पूनीगांव, बरसायत, बसेड़ी, हुनेरा गांवों में नुकसान हुआ है। तल्लाजोहार के नाचनी क्षेत्र में इस बार ओलों की मार से किसानों की कमर टूट गई है। कल शाम की ओलावृष्टि से घाटी वाले इलाके में फलों को भी व्यापक क्षति पहुंची है।
बसेड़ी निवासी लक्ष्मण सिंह कन्याल ने कहा कि अभी तक प्रशासन ने सिर्फ नुकसान का आकलन किया है। किसी भी किसान को राहत राशि नहीं मिली है। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश सिंह कन्याल ने कहा कि तिलहन और दलहनी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। हुनेरा की प्रधान पुष्पा देवी ने कहा कि ताजा ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। रानीखेत के पूरन राम, ढुंगेती के गोविंद राम ने कहा कि सरकार को तत्काल राहत राशि देनी चाहिए।
तहसीलदार पीसी पंत ने बताया कि पिछले दिनों की ओलावृष्टि से खेतारकन्याल, देवबिसौना में 50 फीसदी, दूनाकोट, हुनेरा, बांकू में 45 फीसदी, कुणिया में 30, पंथ्याली में 35, बोरागांव, रैतोली, बर्नाएरी, चामा में भी 30 फीसदी का नुकसान हुआ है। अब नए सिरे से आकलन करना पड़ेगा।