बंगापानी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी विकासखंड के दूरस्थ गांवों ढीलम और लैंगा में सड़क निर्माण के लिए आठवीं बार सर्वे टीम पहुंची है। सात बार सर्वे होने के बावजूद सड़क न पहुंचने से ग्रामीण परेशान हैं। करीब 150 से अधिक परिवारों को आज भी मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पांच से छह किलोमीटर का दुर्गम सफर तय करना पड़ता है।
बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को कंधों पर डोली ले जानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की राह देखते-देखते उनकी आंखें पथरा गई हैं। सरकारी तंत्र हर बार सर्वे करता है और फिर गायब हो जाता है।
तेज सिंह, गोपाल सिंह, प्रमोद सिंह और छत्र सिंह जैसे ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर कब तक सर्वे पूरी होगी और उनके गांव तक सड़क कब पहुंचेगी। सर्वे के लिए पहुंची टीम के सदस्यों को भी लंबा पैदल सफर करना पड़ा। इससे उन्हें ग्रामीणों की दिक्कतों का करीब से अनुभव हुआ।
ग्रामीणों का दर्द और चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क का सपना सिर्फ सर्वे तक सीमित रह गया है। लैंगा की प्रधान कमला सुयाल ने बताया कि सड़क न होने से ग्रामीण कई दुश्वारियां झेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीण गोविंद सिंह पाना ने इस पर एकमत होने के लिए जल्द बैठक बुलाने की बात कही।
अंतिम सर्वे और उम्मीद
पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि ढीलम और लैंगा तक सड़क पहुंचाने के लिए यह अंतिम सर्वे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सर्वे पूरी कर इसकी डीपीआर शासन में भेजी जाएगी। गुरप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। यह सर्वे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।