मुनस्यारी से मिलम के लिए निर्माणाधीन सड़क।
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मुनस्यारी से तिब्बत सीमा पर स्थित मिलम गांव तक 65 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का काम कब पूरा होगा यह अभी तक तय नहीं है। इस सड़क को दो तरफ से तैयार किया जा रहा है। अब तक सड़क का सिर्फ 34 किलोमीटर हिस्सा ही बन पाया है। पिछले नौ वर्षों से यह सड़क निर्माणाधीन है।
मुनस्यारी से मिलम तक सड़क निर्माण के पीछे सरकार की यही मंशा रही है कि इससे एक तो मिलम ग्लेशियर तक जाने वाले पर्यटकों को आसानी हो जाएगी, दूसरा सीमांत के इन गांवों तक विकास की किरण पहुंचाने में आसानी होगी। तिब्बत सीमा तक सुरक्षा के तंत्र को भी मजबूत किया जा सकेगा। सीमा सड़क संगठन ने धापा से मिलम की तरफ 35 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम एबीसीआई कंपनी को दे रखा है। इसमें करीब 14 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। मिलम से मुनस्यारी की तरफ सड़क का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन ने खुद शुरू किया है। इसमें 20 किलोमीटर हिस्सा बनकर तैयार है। मिलम से रिलकोट के बीच आठ पुलों का निर्माण भी होना है। इनमें से दो पुल अब तक बनकर तैयार हो गए हैं।
सीमा सड़क संगठन ने अब सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का लक्ष्य तय कर रखा है। सीमा सड़क संगठन के आफीसर कमांडिंग आरके शर्मा के अनुसार अप्रैल से लास्पा और बोगड्यार में कैंप स्थापित किए जाएंगे और हेलीकाप्टर के माध्यम से निर्माण सामग्री पहुंचाई जाएगी। सबसे पहले पुलों का निर्माण किया जाना जरूरी है। इसी पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से सड़क निर्माण में तेजी आ जाएगी।