धारचूला (पिथौरागढ़)। सोमवार को एक मकान में रसोईगैस का सिलेंडर फटने से आग लग गई। बीच बाजार में हुई आग की घटना से भारी अफरातफरी मच गई। प्रशासन ने आग बुझाने के लिए सेना की मदद मांगी। सेना के 28 जवानों और एनएचपीसी के फायर ब्रिगेड की मदद से तीन घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के प्रयास में एक व्यक्ति झुलस गया।
नगर के जीआईसी रोड में स्थित राजीव खर्कवाल के मकान में पार्वती देवी का परिवार किराए में रहता है। सोमवार दोपहर 12 बजे पार्वती देवी खाना बना रही थी कि अचानक गैस सिलेंडर से आग की लपटें उठने लगी। इससे पार्वती देवी घबरा गई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे मकान में चपेट में ले लिया। पास पड़ोस के लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी और आग बुझाने का खुद प्रयास किया।
उसी बीच सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। इससे आग और ज्यादा भड़क गई। सिलेंडर फटने से आग बुझाने का प्रयास कर रहा नेपाल निवासी जय सिंह झुलस गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की सूचना पाते ही उपजिलाधिकारी संतोष पांडे ने सेना को सहायता के लिए बुलाया। तहसीलदार आईबी मल्ल, थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज, राजस्व निरीक्षक सदर हुकुम धामी घटनास्थल पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्र में पानी की सप्लाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने भी आग पर काबू पाने के लिए पूरी मशक्कत की।
सेना की कुमाऊं स्काउट्स के कमांडिंग ऑफीसर एलएम मिश्रा के निर्देश पर तीन जेसीओ और 25 जवानों के दल को लेकर सूबेदार मेजर पीतांबर भट्ट साजोसामान के साथ आग को बुझाने मौके पर पहुंचे। सेना के जवानों ने पुलिस के साथ मिलकर एनएचपीसी के फायर ब्रिगेड की मदद से करीब तीन घंटे में आग पर काबू पा लिया। इससे गल बगल के पांच गरीब परिवारों के मकान चपेट में आने से बच गए। अन्यथा स्थिति कई गुना ज्यादा गंभीर हो सकती थी। आग पर काबू पाने तक पीड़िता पार्वती देवी के घर का सारा सामान जल चुका था।
सूबेदार मेजर ने बताया कि राहत कार्य में एक वाटर बैगर, स्ट्रीट बैरल, सात स्ट्रिंग गूजर, पांच फॉयर हुक, दस फायर ब्रिगेड का उपयोग किया गया। घटना की सूचना पाकर एसएसबी के कमांडिंग आफीसर राजेश ठाकुर, सहायक सेनानी पीएन सिंह भी मौके पर पहुंचे तथा प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पीड़ित पार्वती देवी के पति का विगत वर्ष 15 सितंबर को दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
वह तीन बच्चों का भरण पोषण मजदूरी करके कर रही है। पीड़िता की सास लक्षिमा देवी ने कहा कि उनके पुत्र के जनधन बीमा का चेक भी शुक्रवार को ही मिला था जो आग में जल गया है। परिवार के पास शरीर में पहने कपड़ों के लावा कुछ भी नहीं बचा है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित सहायता मिलनी चाहिए। आग बुझाने में हरीश गुंज्याल, गोविंद जोशी, हिमांशु नबियाल, विरेंद्र सिंह, अजय कुमार, सूप सिंह, राशिद आदि युवाओं ने सहयोग किया।
धारचूला। नगर में आज हुई आग की भीषण घटना के समय फायर स्टेशन की कमी खली। यहां पर फायर स्टेशन के निर्माण का काम तो चल रहा है लेकिन उसके निर्माण की गति बेहद धीमी है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि अब अगला आंदोलन फायर स्टेशन की स्थापना के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि फायर स्टेशन बना होता तो तत्काल आग पर काबू पा लिया जाता।