पलेत गांव में जर्जर हालत में पहुंचा कमला जोशी का मकान
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इस तहसील के अंतर्गत इग्यारदेवी के पास पलेत गांव में दो परिवार जर्जर हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने के बाद भी इन दोनों के लिए मकान स्वीकृत नहीं हो पाए।
हालांकि, डीएम सी रविशंकर ने 11 अप्रैल को जनता दरबार में यह मामला आने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि दोनों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार करें, लेकिन एक सप्ताह बीतने पर भी राजस्व विभाग के अधिकारी न तो पलेत गांव पहुंचे और न रिपोर्ट ही तैयार की। अब यह मामला सोमवार को एक बार फिर से डीएम के जनता दरबार में उठने वाला है।
बताया गया कि पलेत गांव निवासी कमला जोशी पत्नी जगदीश चंद्र जोशी और उनकी जेठानी गीता जोशी पत्नी स्व. गोपाल दत्त जोशी का मकान छह माह पहले आपदा के समय ध्वस्त हो गया था। मकान ध्वस्त होने की सूचना दोनों परिवारों ने आपदा नियंत्रण कक्ष को दे दी थी, लेकिन दोनों परिवारों को तात्कालिक मदद भी नहीं दी गई। बाद में कमला जोशी ने अपने मकान की छत पर तो प्लास्टिक डालकर बारिश का पानी रोकने का प्रयास किया है और गीता जोशी जर्जर हो चुके इस मकान को छोड़कर दूसरे के मकान में चली गई हैं।
लंबे समय तक मकान के लिए धनराशि न मिलने के कारण इन दोनों ने पिछले दिनों डीएम के जनता दरबार में गुहार लगाई थी। डीएम ने आदेश दिया कि दोनों परिवारों को मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से धन दिया जाए और इसके कागजात तैयार किए जाएं। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने रविवार को पलेत गांव जाकर दोनों मकानों को देखा। उन्होंने कहा कि इन गरीबों के लिए मकान स्वीकृत न करना अन्याय है।
दोनों परिवारों के पास शौचालय नहीं
पलेत गांव की कमला जोशी और गीता जोशी का परिवार आज भी खुले में शौच करता है। सरकारी आंकड़ों में जिले को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त घोषित किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। कमला और गीता को पहले रहने के लिए मकान की जरूरत है। शौचालय के बारे में फिर सोचेंगे।