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Pithoragarh News: दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की उम्मीदों को लगा झटका

Wed, 30 Jul 2025 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही छह लाख की आबादी की उम्मीदों को झटका लगा है। यह उम्मीद फिलहाल खत्म हो गई है। सेवा विस्तार के जरिये जिस रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जिला अस्पताल में होनी थी, उनकी तैनाती हल्द्वानी में कर दी गई है। पहाड़ का मौसम उनके स्वास्थ्य के अनुकूल न होने से विभाग ने यह निर्णय लिया है। ऐसे में साफ है कि अब सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट पर ही जिले के मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी होगी।
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सीमांत जिले की किसी भी सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। जिला और महिला अस्पताल में भी स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती सरकार और विभाग नहीं कर सका है। जिला अस्पताल में व्यवस्था के तहत किसी तरह एक रेडियोलॉजिस्ट से काम चलाया जा रहा है। बीते दिनों सेवा विस्तार के जरिये रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एनएस गुंज्याल की जिला अस्पताल में तैनाती के निर्देश हुए थे। विभाग और सीमांत की छह लाख की आबादी को उम्मीद थी कि दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी और हर मरीज और गर्भवती को राहत मिलेगी। कुछ दिन बाद ही यह उम्मीद टूट गई है।
दरअसल सीमांत जिले का मौसम रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गुंज्याल के स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं होने से उनकी तैनाती हल्द्वानी में कर दी गई है। अब स्वास्थ्य विभाग को सीमांत के लोगों की परेशानी कम करने के लिए अन्य रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करनी होगी। कई वर्षों के इंतजार के बाद भी जिले को स्थायी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका है। ऐसे में विभाग के लिए जल्द नए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर सीमांत के लोगों को राहत पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। संवाद
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एक रेडियोलॉजिस्ट पर है गर्भवतियों और मरीजों के अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी
जिला अस्पताल में हर रोज बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, मुनस्यारी, धारचूला सहित अन्य हिस्सों से 30 से अधिक मरीज और 50 से अधिक गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए जिला या महिला अस्पताल पहुंचती हैं। दोनों अस्पतालों में मरीजों के साथ ही गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट पर है। ऐसे में दूर-दराज से पहुंचे मरीज और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ता है। दबाव अधिक होने से कई बार दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए होटलों में रहकर अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है।
सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट के बगैर अल्ट्रासाउंड मशीन खा रहीं हैं जंग
पूर्व में जिला और महिला अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट होने से सभी को राहत मिल रही थी। गंगोलीहाट, डीडीहाट, धारचूला और मुनस्यारी में भी महीने में एक या दो बार एक रेडियोलॉजिस्ट को भेजकर स्थानीय स्तर पर गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की गई। इससे उन्हें लंबा सफर तय कर जिला मुख्यालय नहीं पहुंचना पड़ता था। महिला अस्पताल की रेडियोलॉजिस्ट से नौकरी छोड़ने से यह व्यवस्था धड़ाम हो गई। ऐसे में जिले भर में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट होने से गर्भवतियों के साथ ही मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने में पसीने छूट रहे हैं।
कोट
बीते दिनों सेवा विस्तार के जरिये एक रेडियोलॉजिस्ट की जिला अस्पताल में नियुक्ति हुई थी। स्वास्थ्य कारणों से उनकी तैनाती हल्द्वानी में की गई है। उम्मीद है जल्द दूसरे रेडियोलॉजिस्ट जिले को मिलेंगे, इससे व्यवस्था पटरी पर आएगी। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
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