गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। जिले में लगातार बारिश हो रही है। इसके बाद भी गंगोलीहाट नगर और आसपास के 18 गांवों के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर सहित आसपास के गांवों की प्यास बुझाने वाली शालीखेत पंपिंग योजना से जलापूर्ति ठप है। ऐसे में क्षेत्र की 15,000 की आबादी पानी के लिए तरस गई है।
नगर के साथ ही लाली, खतेड़ा, हनेरा, चौढियार, नौदूंगा, पुनौली, खेतीगाड़ा, पतारबाड़ा, कुंजनपुर, रावलगांव, हाट, पठक्यूड़ा, कफलाड़ी सहित 18 गांवों की प्यास बुझाने के लिए शालीखेत पंपिंग योजना का निर्माण किया गया है। योजना में फिल्टर प्लांट नहीं होने से क्षेत्र की 15,000 की आबादी की दिक्कत बढ़ गई है।
बारिश के बाद योजना के मूल स्रोत में गाद जमा होने से पंपिंग बंद है। ऐसे में नगर सहित आसपास के इन गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बारिश के बाद भी लोगों को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी की व्यवस्था कर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। पंपिंग कब शुरू होगी और कब पानी मिलेगा इसका जवाब देने वाला भी कोई नहीं है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जल्द जलापूर्ति सुचारु नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। संवाद
एकमात्र जेई चुनाव ड्यूटी में गए, कौन करेगा जलापूर्ति
योजना के मूल स्रोत में गाद जमा हो गई है। ऐसे में पानी की पंपिंग बंद है। जल संस्थान के एकमात्र जेई पर पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति की जिम्मेदारी है। इनकी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। ऐसे में योजना के स्रोत से गाद की सफाई कर जलापूर्ति सुचारु करने वाला कोई जिम्मेदार नहीं है।