पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करती आशा फेसिलिटेटर
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आशा फैसिलिटेटर्स ने स्वास्थ्य विभाग में संबद्ध करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कहा कि एनजीओ का व्यवहार उनके प्रति सकारात्मक नहीं है। समय पर मानदेय का भुगतान भी नहीं किया जाता।
आशा फैसिलिटेटर संगठन की जिलाध्यक्ष ललिता बोरा के नेतृत्व में एकत्र आशा फैसिलिटेटर्स ने मांगों के समर्थन में जबरदस्त नारेबाजी की। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि उन लोगों की नियुक्ति वर्ष 2007 में आशा कार्यकत्री के रूप में हुई। वर्ष 2010 में बेहतर कार्य को देखते हुए उन्हें आशा फैसिलिटेटर्स के पद पर नियुक्ति दी गई। कार्य का संचालन एनजीओ को दे दिया गया। एनजीओ में उन लोगों का कोई भविष्य नहीं है। आशा फैसिलिटेटर एनजीओ के साथ काम करने में संतुष्ट नहीं हैं।
मांगपत्र में एनजीओ से हटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट करने, मानदेय सीधे खातों में डालने, विभाग में समायोजित कर सम्मानजनक मानदेय देने, यात्रा भत्ता, फोन का खर्चा, स्टेशनरी खर्चा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष पुष्पा बिष्ट, आनंदी पांडेय, कोषाध्यक्ष रेनू पंत, महासचिव दीपा पाठक, आइसा कातून, बसंती खैर, प्रभा जोशी, गोमती चुफाल आदि मौजूद थीं।