पिथौरागढ़। घरूड़ी से लुमती को जोड़ने वाली गरारी को ठीक कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए गरारी पर पीआरडी कर्मी की तैनाती कर दी है। इससे जहां छात्र-छात्राओं को ट्राॅली की रस्सी खींचने से छुटकारा मिला है वहीं अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है।
बंगापानी तहसील के घरुड़ी गांव को जाने के लिए गोरी नदी पर बना पुल साल 2013 की आपदा में बह गया था। अभी तक नया पुल नहीं बना है। लोग ट्राॅली से आवाजाही करते हैं। छात्र-छात्राओं को भी इसी ट्राॅली से आवागमन करना पड़ता है। विद्यार्थियों को ट्राॅली की रस्सी स्वयं खींचनी पड़ रही थी।
इसे देखते हुए डीएम विनोद गोस्वामी ने अनुपस्थित रहने वाले पीआरडी कर्मी की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही शिक्षकों को बच्चों के आवागमन के समय स्वयं मौके पर रहकर मानीटरिंग करने को कहा था। तीन दिन पूर्व बैरिंग खराब होने से ट्राॅली नदी के ठीक ऊपर अटक गई थी।
इसके चलते पढ़ाई के लिए जीआईसी लुमती आने वाले गांव के 14 विद्यार्थी घंटों तक नदी किनारे फंसे रहे। बाद में वह पांच किमी दूर मनकोट पहुंचे और ट्राॅली से गोरी नदी पार करने के बाद सात किमी पैदल चलकर देर रात गांव पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए स्कूल के शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन के लोगों के बीच एक बैठक हुई। सभी अभिभावकों ने नियमित कर्मी की तैनाती की मांग उठाई थी। इसके बाद वहां एक पीआरडी जवान की तैनाती कर दी गई है।
- घरुड़ी के पास गोरी नदी में लगी गरारी पर एक होमगार्ड की तैनाती हो गई है। एक और होमगार्ड की तैनाती के लिए बात की गई है। - डीएल आर्या, खंड शिक्षा अधिकारी धारचूला।