पिथौरागढ़। सीमांत जिले में परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले रोडवेज के संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए इस बार होली का उत्साह फीका पड़ता नजर आ रहा है। पिथौरागढ़ डिपो के लगभग 300 कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
हैरानी है कि इन्हीं चालक-परिचालकों और वर्कशॉप कर्मियों के भरोसे डिपो की 60 से अधिक बसें संचालित होती हैं लेकिन त्योहार के समय विभाग ने उनसे हाथ खींच लिए हैं। आलम यह है कि कर्मचारी कर्ज लेकर बच्चों के लिए रंग और पिचकारी खरीदने को मजबूर हैं। मानदेय न मिलने से आक्रोशित कर्मियों के कारण होली पर्व पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की भी पूरी संभावना बनी हुई है।
होली पर बसों का संचालन हो सकता है प्रभावित
होली पर्व पर बसों के संचालन के लिए चालक और परिचालकों को प्रोत्साहन राशि मिलती है। यही कारण है कि होली पर्व पर अवकाश न लेकर चालक-परिचालक बसों के संचालन में दिलचस्पी दिखाते हैं। दो महीने से चालक-परिचालक सहित अन्य कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। ऐसे में प्रोत्साहन राशि तो दूर की बात है। बसों के संचालन पर इसका असर पड़ने की संभावना है।
वर्जन
पिथौरागढ़ डिपो के कर्मचारियों को जनवरी माह का मानदेय मिलने में देरी हुई है। जल्द कर्मियों को मानदेय मिलेगा। फरवरी का मानदेय प्रकिया पूरी होने के बाद मार्च में मिलेगा।
-आलोक कुमार बनवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, टनकपुर मंडल