पिथौरागढ़ का ऐतिहासिक लंदन फोर्ट बनेगा हेरिटेज होटल
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पिथौरागढ़ का ऐतिहासिक लंदन फोर्ट हेरिटेज होटल बनेगा। इसके तहत पर्यटकों के लिए किले के भीतर आलीशान कमरों के साथ ही अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्यटन विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
पिथौरागढ़ नगर में 1791 में गोरखा शासकों ने किले का निर्माण कराया था। इस किले से नगर का बड़ा हिस्सा स्पष्ट नजर आता है। गोरखा शासकों ने इस किले का नाम बाउलिकी गढ़ रखा गया। अंग्रेजी शासनकाल में इस किले को लंदन फोर्ट नाम दिया गया। देश की आजादी के बाद इस किले में तहसील कार्यालय का कामकाज शुरू हुआ। वर्ष 2014-15 में इसे एतिहासिक धरोहर घोषित कर किले का सुधार किया गया। वर्तमान में इस किले की देखरेख कुमाऊं मंडल विकास निगम कर रहा है। किले के जरिए आमदनी बढ़ाने के लिए इसे हेरिटेज होटल में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत पर्यटन विभाग ने राजस्थान के किलों की तर्ज पर लंदन फोर्ट के भीतर पर्यटकों के लिए आलीशान कमरे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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किले की दीवारों पर बंदूक चलाने के लिए बने हैं 152 छिद्र
गोरखा शासकों ने नगर के मध्य में ऊंचे स्थान पर 6.5 नाली क्षेत्रफल वाली भूमि में निर्मित इस किले के चारों ओर अभेद्य दीवार का निर्माण किया गया था। इस दीवार में लंबी बंदूक चलाने के लिए 152 छिद्र बने हैं। किले की लंबाई 88.5 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। 8.9 फीट ऊंचाई वाली इस दीवार की चौड़ाई 5 फीट 4 इंच है। पत्थरों से निर्मित इस किले में गारे का प्रयोग किया गया है।
लंदन फोर्ट को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम किया जाएगा।
-कीर्ति आर्य, जिला पर्यटन अधिकारी पिथौरागढ़।