जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला न्यायालय में हुई पैरा लीगल वालियंटर (पीएलवी) की मासिक बैठक में जिला जज ने पीएलवी को उनके कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश देते हुए वालियंटरों की समस्याओं का निस्तारण किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज सिकंद कुमार त्यागी ने पीएलवी से समाज के असहाय, अशिक्षित और गरीब पात्र व्यक्तियों को शासन से सुविधाएं दिलाने, समस्याओं के निराकरण में उनकी सहायता करने को कहा। लोगों की सहायता के लिए पीएलवी ग्रामीण क्षेत्र में छोटे शिविरों का आयोजन कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत नायल के पीएलवी ईश्वर चंद्र मिश्रा और ग्राम पंचायत चौड़मन्या के पीएलवी सुंदर सिंह ने कहा कि पंचायत घर में चल रहे सहायता केंद्र के संचालन में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी सहयोग नहीं दे रहे हैं। जिला जज ने इस संबंध में एसडीएम को पत्र भेजने को कहा। वालियंटरों ने ब्लॉक मेें आयोजित होने वाली बीडीसी बैठकों की सूचना देने का प्रस्ताव भी रखा। ताकि वे प्रधानों के साथ ही अन्य प्रतिनिधियों को विधिक सेवा कार्यक्रम की जानकारी दे सकें। इस प्रस्ताव को अगले मासिक बैठक में रखने के निर्देश दिए ताकि जिलाधिकारी से बात की जा सके। खनन माफियाओं की दबंगई पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजने के निर्देश दिए। क्षेत्र के चिकित्सकों, शिक्षकों की वर्तमान स्थिति और गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करने को कहा। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन रीतेश कुमार श्रीवास्तव, सिविल जज जूनियर डिवीजन अविनाश कुमार श्रीवास्तव, पैनल लायर आरएस चौहान, एडवोकेट मनोज ओली, विभिन्न तहसीलों के 22 पीएलवी मौजूद थे।