फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: हेलो... मेरा प्रधान बनना तय है, आपका सहयोग चाहिए

Tue, 22 Jul 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। ''''हेलो, मैं ग्राम प्रधान पद का दावेदार बोल रहा हूं। मेरा जीतना तय है, बस चुनाव के दिन आपका सहयोग चाहिए।'''' ''''मैं हूं बीडीसी प्रत्याशी। मेरी जीत तय है। गांव में आपके रहने और खाने की कोई भी दिक्कत हो तो हमसे संपर्क कीजिएगा।'''' पोलिंग पार्टियों की सूची लीक होने के बाद मतदान कर्मियों के मोबाइल पर इसी तरह की कई कॉल आ रही हैं। संबंधित क्षेत्र के प्रत्याशी मतदान कर्मियों से संपर्क साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

बीते सोमवार को जिले में दो चरणों में होने वाले मतदान के लिए बनी पोलिंग पार्टियों की सूची लीक हो गई। सूची में शामिल पीठासीन अधिकारी के साथ ही हर बूथ पर चुनाव संपन्न कराने के लिए तैनात सभी मतदान कर्मियों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं सूची लीक होते ही कई मतदान कर्मियों से संबंधित क्षेत्र के प्रत्याशियों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया। दोनों चरणों के मतदान के लिए तैनात मतदान कर्मियों के फोन मंगलवार को दिन भरर बजते रहे। प्रत्याशी चुनाव के दिन इनसे सहयोग देने की अपील कर रहे थे।
नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर एक मतदान कर्मी ने बताया कि एक प्रधान प्रत्याशी ने उनसे संपर्क किया। फोन करने वाले ने कहा कि वह प्रधान पद का दावेदार है। आपकी ड्यूटी मेरे गांव में लगी है। मेरा जीतना तय है, बस चुनाव के दिन आपका थोड़ा सहयोग चाहिए। एक अन्य मतदान कर्मी ने बताया कि उनसे एक बीडीसी प्रत्याशी ने संपर्क किया। कॉलर ने कहा कि आपकी और मेरी पुरानी पहचान है। मेरे क्षेत्र के बूथ पर आपकी ड्यूटी लगी है। मुझे अपेक्षा है कि चुनाव के दिन आप मेरा सहयोग करेंगे। आपके रहने और खाने की पूरी व्यवस्था हो जाएगी, बस बूथ पर पहुंचकर मुझसे संपर्क कर लेना।
विज्ञापन

इसी तरह जिले के अन्य कई मतदान कर्मियों ने कहा कि उनके फोन पर भी कई प्रत्याशियों ने संपर्क किया है। चुनाव आचार संहिता के दौरान मतदान कर्मियों को संबंधित बूथों पर ही रात बितानी होती है। निर्वाचन आयोग भी मतदान कर्मियों को किसी भी तरह का आतिथ्य स्वीकार न किए जाने के निर्देश जारी करता है। इस बार पोलिंग पार्टियों की सूची लीक होने से मतदान कर्मियों और प्रत्याशियों के बीच साधा जाने वाला संपर्क कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।

पोलिंग पार्टियों की सूची लीक होने पर उठ रहे हैं सवाल
जिले में पोलिंग पार्टियों की सूची लीक होने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड की गई पोस्ट में लिखा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी में सबसे अधिक अनियमितता महिला कार्मिकों के साथ की गई है। अधिकांश महिला शिक्षकों को उनके विद्यालय से मीलों दूर चुनाव ड्यूटी दी गई है जो न्यायोचित नहीं है। इससे बड़ी प्रशासनिक चूक यह हुई है कि मतदान कर्मियों की ड्यूटी की सूची मतदान से एक सप्ताह पूर्व लीक हो गई। बता दें कि आम तौर पर किस बूथ पर किस कर्मचारी की तैनाती होगी, मतदान कर्मियों को इसकी जानकारी मतदान से एक दिन पूर्व दी जाती है। जिले में एक सप्ताह पहले ही सूची लीक होने से सत्ता में बैठे लोग अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए मतदान टीम से साठगांठ कर सकते हैं। ऐसे में इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठने लगी है। संवाद
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें