पिथौरागढ़। पांच लाख से अधिक की आबादी का उपचार करने वाले जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों के 50 फीसदी पद रिक्त हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों की कीम से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमांत के मरीजों को हर बीमारी का उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सके इसके लिए जिला अस्पताल और इससे संबद्ध महिला अस्पताल संचालित किए गए हैं। इन दोनों अस्पतालों में चिकित्सकों के 42 पद स्वीकृत हैं। इन अस्पतालों में सिर्फ 21 स्थायी चिकित्सक तैनात हैं। जिला अस्पताल में फिजिशियन के दो पदों के सापेक्ष केवल एक चिकित्सक तैनात है। रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, चर्मरोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ के स्थायी चिकित्सक नहीं हैं। इन पदों पर अस्थायी चिकित्सकों की तैनाती कर मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
इमरजेंसी चिकित्सा अधिकारी के 12 पदों के सापेक्ष सात पद रिक्त हैं। आईसीयू में भी स्वीकृत चिकित्साधिकारी के दो पद लंबे समय से रिक्त हैं। महिला अस्पताल में दो के सापेक्ष सिर्फ एक महिला रोग विशेषज्ञ पर गर्भवतियों की जांच, उपचार और प्रसव की जिम्मेदारी है। इन अस्पतालों में हर रोज जांच, प्रसव और इलाज के लिए 460 से अधिक गर्भवतियां और मरीज पहुंचते हैं। चिकित्सकों की कमी से सभी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
व्यवस्था के तहत रेडियोलॉजिस्ट
पिथौरागढ़। जिले के किसी भी अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। जिला अस्पताल में व्यवस्था के तहत एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट तैनात है। रोस्टर के अनुसार इन्हें महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड ठप हो रहे हैं। इससे गर्भवतियां और अन्य मरीज समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सालों से जिले में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग हो रही है लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हो सकी है।
चिकित्सकों की तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। जिले में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के भी प्रयास हो रहे हैं।
डॉ. जेएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।