मां काली का अनोखा श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सिद्ध शक्तिपीठ हाट कालिका के दरबार में विश्व कल्याण के लिए सहस्त्रचंडी महायज्ञ और श्रीमद्देवी भागवत कथा ज्ञानयज्ञ शुरू हो गया है। शुभारंभ के मौके पर चंद शासनकाल में बने मां महाकाली के जान्हवी नौले से मंदिर तक महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। जान्हवी नौले का जलशक्ति में चढ़ाया। कलशयात्रा में कई गांवों की महिलाएं शामिल हुईं। आयोजन के चलते मंदिर वेदमंत्रों से गुंजायमान हो गया है।
सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में तड़के 4 बजे आयोजन के मुख्य यजमान डॉ. रनवीर रावल के हाथों मंदिर में गणेश पूजा कराई गई। देवी को पंचामृत से स्नान कराया गया। सुबह 7 बजे से दोपहर एक बजे तक देवी पूजन, मंडप पूजन, पूर्वांग पूजन, नित्यपूजा, मूलपाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ, आचार्य एवं ब्राह्मण पूजन, वरण, पुस्तक पूजन हुआ। क्षेत्र के तमाम मंदिरों में पूजापाठ कराई गई।
दोपहर दो बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन के आचार्य मनोज पांडे ने श्रीमद्देवी भागवत पर प्रवचन दिया। उन्होंने लोगों से दैनिक दिनचर्या में थोड़ा सा समय ईश्वर की भक्ति के लिए निकालने की अपील की। कहा कि ईश्वर की शरण में जाने से ही मानव का कल्याण हो सकता है। शाम को 5 बजे से कन्या पूजन हुआ। कन्याओं को भोजन कराया गया।
शाम 5: 30 से 6:30 तक ब्रह्मभोज का आयोजन हुआ। शाम 6:30 से रात 9:30 बजे तक श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। मंदिर में 16 साल बाद हो रहे सहस्त्रचंडी महायज्ञ को लेकर लोगों में गजब का उत्साह बना हुआ है। इससे पहले वर्ष 2001 में सहस्त्रचंडी महायज्ञ हुआ था। महायज्ञ के कारण मंदिर में रौनक है। महायज्ञ का पारायण 24 मई को होगा।