हरियाणा के बहादुरगढ़ पुलिस की एक टीम ने 21 अप्रैल की रात यहां जाखनी स्थित व्यापारी पवन कुमार भट्ट के आवास पर दबिश दी। इस टीम के साथ कोतवाली पुलिस का एक उपनिरीक्षक और कांस्टेबल भी था।
पवन कुमार भट्ट के अनुसार बहादुरगढ़ पुलिस का कहना था कि वे और उनका बेटा बहादुरगढ़ में एक व्यक्ति से दस लाख रुपये लेकर आए हैं, जिसे लौटा नहीं रहे हैं। पवन का कहना है कि उसका हरियाणा से कोई-लेना देना नहीं है। खुद को हरियाणा पुलिस का आदमी बताने वाले यह लोग दहशत फैलाने के लिए आए थे। उन्होंने सारे मामले की जांच करने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग करते हुए पुलिस महानिदेशक और डीआईजी को फैक्स के माध्यम से पत्र भेजा है।
पत्र में पवन कुमार भट्ट ने उल्लेख किया है कि वह खुद जाखनी में हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। उनका बड़ा बेटा सिडनी (आस्ट्रेलिया) में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा दुकान में काम करता है। पत्र में लिखा है कि उसके पास हरियाणा से फोन और मैसेज आते रहे कि जो दस लाख रुपये लिए हैं उसे वापस कर दो। पवन भट्ट के अनुसार उन्होंने इसकी जानकारी 25 मार्च को कोतवाली पुलिस को दे दी थी, लेकिन 21 अप्रैल की रात हरियाणा नंबर की गाड़ियों से 15-16 लोग उनके आवास पर आ गए और रुपये की मांग करने लगे। उनका कहना है कि कोतवाली पुलिस में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल का कहना है कि हरियाणा पुलिस के पास यदि इस मामले में साक्ष्य होंगे तो वह अपने यहां रिपोर्ट दर्ज करेगी। जिला पुलिस का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल की रात हरियाणा पुलिस के कर्मचारी सिर्फ पूछताछ के लिए संबंधित व्यक्ति के घर पर आए थे।