22 अप्रैल की शाम से बेड़ीनाग की बिजली सप्लाई ठप है। अंधड़ के कारण गंगोलीहाट और बेड़ीनाग के बीच में जगह-जगह बिजली की लाइन टूटने से यह व्यवधान पैदा हुआ है। बिजली की सप्लाई ठप होने से पेयजल संकट ज्यादा गहरा गया है। गोरघटिया पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। बेड़ीनाग के साथ साथ राममंदिर, गणाईगंगोली, चौड़मन्या, राईआगर क्षेत्र भी बिजली नहीं है। ठीक पर्यटन सीजन में पैदा हुई इस समस्या से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा है। लोगों के मोबाइल फोन बिजली के बिना रिचार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
विद्युत सब स्टेशन में 33-33 केवी की दो लाइनें बनाई गई हैं, लेकिन अब एक लाइन भी काम नहीं कर पा रही है। अव्यवस्था को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि बेड़ीनाग की बिजली सप्लाई अक्सर ठप रहती है। इसका कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारी 22 अप्रैल की शाम से ही लाइन जोड़ने के काम में लगे हैं, लेकिन उनको कामयाबी नहीं मिल पाई है। विद्युत विभाग के एसडीओ प्रदीप बिष्ट ने बताया कि गंगोलीहाट और बेड़ीनाग के बीच 30 किलोमीटर के दायरे में कई जगह बिजली की लाइन टूट गई है। इसकी मरम्मत में अभी और समय लगेगा। उन्होंने कहा कि थल की तरफ से एक वैकल्पिक लाइन बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ताकि गंगोलीहाट वाली लाइन खराब होने पर थल से लोगों को बिजली मिलती रहे, लेकिन इसमें कितना समय लगेगा कहा नहीं जा सकता। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा का कहना है कि विभाग की लापरवाही से लोगों को लगातार बिजली का संकट झेलना पड़ रहा है। अब विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
बिजली नहीं होने से गोरघटिया पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट नहीं हो पा रहा है। बेड़ीनाग नगर में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। एक टैंकर तथा तीन वाहनों से नगर में पानी बांटा जा रहा है।