फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्वेत क्रांति की वाहक अपराजिताओं ने ली नारी सम्मान की शपथ

Fri, 22 Feb 2019 10:48 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)।
विज्ञापन
गंगोलीहाट के कोठेरा गांव में अपराजिता के संकल्प पत्रों के साथ महिलाएं। - फोटो : पिथौरागढ़
विज्ञापन
 अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत कस्बे में श्वेत क्रांति की वाहक बनी अपराजिताओं ने नारी सम्मान की शपथ ली। मालूम हो कि समिति से जुड़ी 218 महिलाओं ने दूध डेरी के माध्यम जहां कस्बे में दूध की कमी को दूर किया है, वहीं घर की आर्थिक संबल भी हैं।
विज्ञापन


कोठेरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कड़ाके की ठंड के बीच कई महिलाएं 15 किलोमीटर दूर से यहां पहुंची। सहकारिता की संस्थापक संस्था हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने अमर उजाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के जरिए समाज की बेहतरी के लिए कार्य कर रही महिलाओं का जहां हौसला बढ़ेगा वहीं अन्य महिलाओं और लोगों का भी ध्यान इस ओर जाएगा। कोठेरा की प्रधान भगवती प्रसाद कोठारी ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को नारी सम्मान की शपथ दिलाई साथ ही कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक भी किया। इस दौरान हुई बातचीत में महिलाओं ने बताया कि 750 लीटर दूध की आवश्यकता वाले गंगोलीहाट नगर में उनकी समिति 250 लीटर दूध की सप्लाई करती है। बाजार में करीब 500 लीटर दूध पशुपालकों और सरकारी डेयरी से आता है। समिति बचे हुए दूध से खोया और पनीर बनाती है।
विज्ञापन



अपराजिता शब्द से ही बढ़ जाता है हौसला
अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल्स अभियान प्रेरणादायी है। अपराजिता शब्द से ही हम महिलाओं का हौसला बढ़ जाता है।
रमा भट्ट, अध्यक्ष कामधेनु स्वायत्त सहकारिता

औरों को भी मिल रही प्रेरणा
दूर दराज के इलाकों में पहुंचकर महिलाओं के भीतर अपराजिता का भाव जगाने का अमर उजाला का मकसद काबिलेतारीफ है।
शांति कोठारी, सचिव कामधेनु स्वायत्त सहकारिता

अहम भूमिका निभा सकते हैं ऐसे प्रयास
अपराजिता के जरिए कानून की जानकारी, रोजगार से लेकर आत्मसुरक्षा जैसे कार्यक्रम महिलाओं के उत्थान में अहम भूमिका निभाएंगे।
निर्मला कोठारी, कामधेनु स्वायत्त सहकारिता

सभी को आगे आना होगा
महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं से लेकर पुरुषों और बच्चों से लेकर बुजुर्गों को आगे आना होगा तभी सच्ची मुस्कान आएंगी।
हीरा देवी, कामधेनु स्वायत्त सहकारिता
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें