पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बृहस्पतिवार को भारी ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा। नगर सहित आसपास के इलाकों में इतने बड़े-बड़े ओले गिरे कि 36 से अधिक कारों और एक जेसीबी मशीन का सामने वाला शीशा टूट गया। कई जगहों पर किसानों के पॉलीहाउस फट गए। जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि होने से फलों और सब्जियों को खासा नुकसान पहुंचा है जिससे किसान निराश हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह के समय तेज धूप खिली। दोपहर में आसमान बादलों से घिर गया और तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। आसमानी आफत के रूप में गिरे बड़े-बड़े ओलों की मार से नगर क्षेत्र में 24 से अधिक वाहनों के शीशे टूट गए। टकाना में लोनिवि की जेसीबी मशीन का शीशा भी टूट गया। टकाना निवासी ललित मोहन ने बताया कि क्षेत्र में 12 से अधिक वाहनों के आगे के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अन्य जगहों पर भी वाहनों को नुकसान पहुंचा हैं।
अस्कोट में दोपहर को तेज गर्जना के साथ दो घंटे से अधिक समय तक बारिश हुई। बंगापानी क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हुई। जौलजीबी से लेकर धारचूला तक घने बादल छाए रहे। इधर, बड़े-बड़े ओलों से लौकी, कद्दू, ककड़ी, तोरई और बींस के साथ मिर्च, बैंगन, हरी सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर ओलों से किसानों के पॉलीहाउस भी फट गए। फल और सब्जियों पर ओलों की मार से किसान निराश हैं। किसानों का कहना है कि ओलों ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
ओलावृष्टि से बचने के लिए दौड़े लोग
बारिश के साथ आसमान से बड़े-बड़े ओले गिरते देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। बाजार आए कई लोगों पर ओलों की मार पड़ी। ओलों से बचने के लिए लोगों ने दुकान, घरों के किनारे शरण ली। सोशल मीडिया में भी लोग बड़े ओलों को हाथ में थामे पोस्ट कर रहे हैं।