धारचूला में मां नंदा का डोला निकालते जोहार समाज के लोग। संवाद
मुनस्यारी/नाचनी। सीमांत जिले में नंदाष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उच्च हिमालयी क्षेत्र से लाए गए ब्रह्मकमल पुष्प से आराध्य मांग भगवती नंदा की पूजा-अर्चना की। मुनस्यारी क्षेत्र में पहला मेला होने के चलते डाडाधार स्थित नंदा देवी मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां की आराधना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान झोड़ा-चांचरी का भी आयोजन किया गया। पापड़ी गांव में अशुद्धि होने के चलते इस बार मेले में भीड़ कम रही। उधर होकरा स्थित नंदा देवी मंदिर में मां को थाला कुंड से लाए गए ब्रह्मकमल अर्पित किए गए। मंदिर में श्रद्धालुओं ने दिन-भर मां की पूजा-अर्चना की। बिर्थी, गिरगांव स्थित मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई।
बाक्स
धारचूला में निकाला मां नंदा देवी का डोला
धारचूला। नंदा अष्टमी के पर्व पर नगर में जोहार समाज के लोगों ने वरिष्ठ व्यापारी स्व. कैलाश रावत के निवास स्थित धूनी से मां नंदा देवी का डोला पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर निकाला। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में जोहार संस्कृति की झलक दिखाई।
इस दौरान पूरा क्षेत्र मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा। नंदा देवी मंदिर में मुख्य पुजारी नवीन रावत ने विधिविधान से पूजा संपन्न करा क्षेत्र की सुख शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान मनोज महर, नीटू मर्तोलिया, धन सिंह पालीवाल, धीरू धर्मसक्तू, चारु बृजवाल, राहुल रावत, लक्ष्मी रावत, ज्योति महर समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद