थल-मुनस्यारी रोड खुलने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं। हरड़िया और रातीगाड़ के पास सड़क दरकने से उसकी मरम्मत का काम भी नहीं हो पा रहा है। मुनस्यारी से मदकोट होते हुए जौलजीबी जाने वाली रोड भी घिंघरानी के पास बंद है। इससे मुनस्यारी में सामान की किल्लत होने लगी है। जरूरी काम से बाहर जाने वालों को कई जगह वाहन बदलने पड़ रहे हैं और ट्रांशिपमेंट का सहारा लेना पड़ रहा है। मुनस्यारी में तीन दिन से रसोईगैस की गाड़ी नहीं पहुंची है। 108 आपात सेवा के वाहन भी लोगों को अस्पताल तक पहुंचा पाने में असमर्थ हैं। हरड़िया के पास नाचनी की तरफ रोड का 50 मीटर हिस्सा टूट गया है। सड़क में दरार पड़ गई है। रातीगाड़ के पास एक नाला बन गया है जो लगातार मलबे को सड़क पर फेंकता जा रहा है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी का कहना है कि यातायात संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। अब रोड को पहाड़ी की तरफ नए सिरे से काटना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सड़क खोलने में भारी दिक्कत पैदा हो रही है। उधर, मुनस्यारी से जौलजीबी जाने वाली सड़क पर भी लगातार मलबा गिरने से यातायात बंद है। मुनस्यारी से जिला मुख्यालय एवं अन्य स्थानों को जाने के लिए लोग इसी मार्ग का उपयोग करते थे, लेकिन यह मार्ग भी लगातार धोखा दे रहा है। जौलजीबी के रास्ते आगे जाने वालों को घिंघरानी से करीब दो किलोमीटर का पैदल सफर तय कर दूसरी तरफ से वाहन पकड़ने पड़ रहे हैं।
पिथौरागढ़-तवाघाट रोड भी बंद रही
अस्कोट (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर बंदरलीमा के पास मंगलवार को फिर मलबा गिर गया। इस कारण इस रोड पर तीन घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। सड़क सुबह छह बजे बंद हो गई थी। सीमा सड़क संगठन ने आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया और नौ बजे यातायात बहाल हो गया। तवाघाट से सोबला जाने वाली सड़क भी बंद है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-6.4 एमएम
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