भूमियाथल गांव के पास दरक रही पहाड़ी
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इस तहसील के तीन गांव 30 जून और एक जुलाई को आई भयंकर बारिश से खतरे की जद में आ गए हैं। भूमियाथल और आंकोट गांव के नीचे की जमीन लगातार दरक रही है, वहीं ओड़ गांव के ऊपरी भाग से लगातार भूस्खलन हो रहा है।
भूमियाथल और आंकोट में वर्तमान में 24 परिवार रहते हैं। एक जुलाई को आई आपदा ने इन परिवारों के मकानों को हिला कर रख दिया है। चर्मा नदी के ऊपरी भाग पर बसे इन दोनों गांवों की जमीन दरक कर चर्मा नदी में समा रही है। इस कारण धीरे-धीरे इन गांवों के मकानों में दरारें पड़नी शुरू हो गई है।
गांव की खेती योग्य भूमि पर भी बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे अब गांव वालों ने वहां से निकलना शुरू कर दिया है। गांव के शेर सिंह, कुंदन सिंह, लक्ष्मण सिंह, रविंद्र सिंह, भगत सिंह के मकान आवास के लायक नहीं रह गए हैं। ओड़ गांव के ऊपरी भाग से हो रहे भूस्खलन से पूरे गांव को खतरा पैदा हो गया है। इस गांव में अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। धौलेत में भी दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है। तल्ली मिर्थी के 10 मकान खतरे की जद में हैं। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण इन मकानों में रहने से डरने लगे हैं। मिर्थी के लालू राम का मकान टूट गया है। ग्राम प्रधान भरत मेहता ने लालू राम को सरकारी मदद देने की मांग की है।