कोरोना संक्रमण बढ़ते ही दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है। कोरोना के चलते दिल्ली से लोगों का दोबारा कुमाऊं में लौटना शुरू हो गया है। ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड रोडवेज के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं।
हल्द्वानी रोडवेज डिपो के तीन दिन के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले शनिवार को दिल्ली से आने वाले यात्रियों का किराया 18 लाख रुपये था और जाने वाले यात्रियों का किराया 15 लाख रुपये था। सोमवार और मंगलवार को दिल्ली से आने वाले यात्रियों का किराया 15 लाख और जाने वाले यात्रियों से प्राप्त किराया 10 लाख रुपये था। रोडवेज के एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि दिल्ली से आ रही बसें अधिक सवारियां लेकर आ रही हैं, जबकि जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है।
काठगोदाम डिपो की ओर से आठ वॉल्वो और जनरथ सेवाएं दिल्ली के लिए प्रतिदिन चल रही हैं। कोरोना के डर के कारण इन बसों को सवारियां नहीं मिल रही हैं। काठगोदाम डिपो के इंचार्ज डीएन जोशी ने बताया कि वॉल्वो में अधिकतम 10 सवारियां जा रही हैं। लौटने में बसों को पांच से 12 सवारियां मिल रही हैं। दिल्ली रूट पर चल रही वाल्वो और जनरथ सेवाएं भारी घाटे में संचालित हो रही हैं।