थल में कर्ज माफी को लेकर प्रदर्शन करते किसान
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बेड़ीनाग एवं खटीमा में कर्ज में डूबे किसानों द्वारा की गई आत्महत्या के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जिम्मेदार मानते हुए यहां मंगलवार को किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सरकार की नीतियों से किसान बेहद तनाव में हैं और वह आत्महत्या जैसा रास्ता चुनने को विवश हैं। कहा गया कि किसानों को गुमराह करना बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
समाजसेवी मुख्तार अली के नेतृत्व में एकत्र लोगों ने कहा कि सरकार पहाड़ के किसान को कंगाल बनाने में तुली है। सहकारी समितियों और ग्रामीण बैंकों से किसानों को कर्ज तो दिया जा रहा है, लेकिन बाद में वसूली के लिए ऐसा दबाव बनाया जाता है कि किसान आत्महत्या को विवश हो जाते हैं। कहा कि सरकार अब न तो किसानों को फसल के नुकसान का मुआवजा ही दे रही है और न खाद, बीज के लिए अनुदान दिया जा रहा है। आने वाले समय में किसानों के सामने और गंभीर संकट आने वाला है। कहा कि सरकार को कृषि को प्राथमिकता में रखना चाहिए।
प्रदर्शन में दरपान राम, किशन राम, गोविंद राम, हयात सिंह, चंदन राम, उत्तम राणा, मोहन सिंह, बलवंत डांगी, नेत्र बल्लभ जोशी, गोविंद सिंह, दीपक जोशी, बहादुर चंद, इंद्र राम आदि लोग थे। किसानों ने प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों के कर्ज माफ किए जाएं और उनको फसल के नुकसान का मुआवजा दिया जाए।