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अनाथ बच्चों की पढ़ाई और परवरिश करेगी सरकार

Wed, 06 Jul 2016 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी/थल
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आपदा पीड़ितों से मिलते मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को नाचनी का दौरा कर कुमालगौन (नापड़) के आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा आपदा में माता-पिता के मारे जाने से अनाथ हो गए तीन बच्चों की पढ़ाई और परवरिश का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने प्रशासन को कुमालगौन के पांचों प्रभावित परिवारों को तत्काल किराए के मकान में ठहराने और उनके लिए जमीन तलाशने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा से तबाह हो चुके कुमालगौन का हवाई सर्वे भी किया।
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मुख्यमंत्री ने कुमालगौन हादसे में अनाथ हो गए कमलेश (16), ललित (14), निर्मला (12) से उनका हालचाल जाना। इनके पिता बचीराम, मां पार्वती देवी और बड़े भाई मनोज कुमार की 30 जून की मध्यरात्रि मकान गिरने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा तीनों बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की व्यवस्था सरकार करेगी। मुनस्यारी के आश्रम पद्धति स्कूल मुनस्यारी, शांतिकुंज अथवा अन्य संस्थानों में तीनों बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। कुमालगौन में मृतक जोगा राम के साथ ही बहादुर राम, महेश राम, गोपाल राम, दीवानी राम के मकान आपदा में ध्वस्त हो गए थे। मुख्यमंत्री ने पांचों प्रभावितों के लिए किराए का मकान ढूंढने और मकान बनाने के लिए जमीन तलाशने के आदेश एसडीएम को दिए। कहा कि जमीन नाप मिलती है तो उसको सरकार क्रय कर मकान बनाने के लिए धन देगी। प्रभावितों का हर हाल में विस्थापन होगा।

मुख्यमंत्री ने नाचनी के बहुउद्देशीय भवन में ठहरे 5 परिवारों के 26 आपदा पीड़ितों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता आदि के बारे में जानकारी ली। सुबह 11.15 बजे हेलीकॉप्टर से नाचनी के जीआईसी मैदान पहुंचे मुख्यमंत्री रावत आधा घंटा आपदा प्रभावितों के बीच रहने के बाद 11.45 बजे देहरादून रवाना हो गए। उन्होंने नाचनी बाजार में लोगों से मुलाकात भी की। भ्रमण में राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कपकोट विधायक ललित फर्स्वाण, कांग्रेस नेता कुंदन सिंह बथियाल, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष शकुंतला दताल आदि थे।
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दौलत के इलाज का खर्च उठाएगी सरकार
नाचनी/थल। थल के दाफिला गांव निवासी दौलत सिंह (50) ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उनका मकान भी इस आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था। उनको चोट भी आई थी। वह पहले से ही बीमार चल रहे हैं। मुख्यमंत्री रावत ने उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से 50,000 रुपये देने के साथ ही हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उनका इलाज कराने का आश्वासन दिया। कहा कि इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

टम्टा, फर्स्वाण ने ली अधिकारियों की बैठक
नाचनी। मुख्यमंत्री हरीश रावत के जाने के बाद राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा और कपकोट विधायक ललित फर्स्वाण ने अधिकारियों की बैठक ली। दोनों ने आंतरिक सड़कों को खोलने और बिजली बहाल करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। राजस्व विभाग से क्षति का जायजा लेकर प्रभावितों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद दोनों ने बागेश्वर जिले के कैंचुवा गांव का भी निरीक्षण किया। बागेश्वर के सीडीओ एसएस पांगती से खतरे की जद में आए कैंचुवा के पांच परिवारों को विस्थापित करने को कहा।  

उप जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी जांच
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने डीडीहाट तहसील के बस्तड़ी और पत्थरकोट में भूस्खलन से हुए जानमाल के नुकसान की मजिस्ट्रेटी जांच डीडीहाट के उप जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी है। डीडीहाट के प्रभारी उप जिला मजिस्ट्रेट संतोष कुमार पांडे ने कहा कि मानव हानि, पशु हानि और संपत्ति की क्षति के बारे में किसी भी व्यक्ति के आपत्ति, दावे हैं तो शिकायतकर्ता मय अभिलेखों के 12 जुलाई 2016 से पूर्व उनके न्यायालय में दावा पेश कर सकता है। मियाद पूरी होने के बाद कोई सुनवाई नहीं की जाएगी।
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