बस्तड़ी आपदा में घायल सुनीता भट्ट
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में भर्ती बस्तड़ी आपदा में गंभीर रूप से घायल सुनीता और उसके भाई विनोद को सरकार से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। इन दोनों के माता-पिता भी मलबे में दबने से गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों का हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। सुनीता का एक भाई इस हादसे के बाद से लापता है।
एक जुलाई की सुबह साढ़े छह बजे बस्तड़ी के मोहन चंद्र भट्ट का मकान भी मलबे की चपेट में आ गया। मोहन चंद्र भट्ट, उनकी पत्नी मंजू भट्ट, बेटी सुनीता (22), बेटा विनोद (18), गौरव (16) मलबे में दब गए। गांव के लोगों और सेना के जवानों ने चार लोगों को तो मलबे से निकाल लिया, लेकिन गौरव का कोई पता नहीं चला।
चारों घायलों को हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर मोहन चंद्र भट्ट और उनकी पत्नी मंजू भट्ट को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में भर्ती सुनीता और विनोद किसी प्रकार की मदद न मिलने से काफी व्यथित हैं। उनका कहना है कि अब तक उनको सरकारी मदद के नाम पर कुछ नहीं मिला। घर का सारा सामान और एक भाई मलबे में दब गया।
किसी को फोन करने के लिए मोबाइल तक उनके पास नहीं है। सुनीता के पैर तो विनोद के सिर पर गंभीर चोट है। दोनों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर नियमित रूप से चेक करने भी नहीं आ रहे हैं। पिथौरागढ़ के ऐंचोली में रहने वाली उनकी दीदी आशा जोशी और उनका परिवार उनकी देखरेख कर रहा है।