डाक विभाग की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी के गोंडा से स्पीड पोस्ट के माध्यम से पिथौरागढ़ भेजे गए एक पत्र को पहुंचने में पूरे 15 दिन लग गए, जबकि डाक विभाग का दावा है कि स्पीड पोस्ट से देश के किसी भी शहर में डाक 48 घंटे के भीतर मिल जाती है। गोंडा के मनकापुर डाकघर से बीना कांडपाल ने अपने पिता हनुमान मंदिर पिथौरागढ़ निवासी एनडी जोशी के नाम पर आठ अगस्त को स्पीड पोस्ट से एक पत्र भेजा, इसमें आवश्यक कागजात और राखी भी थी।
जोशी ने बताया कि उनकी बेटी लगातार यह पूछताछ करते परेशान हो गई कि स्पीड पोस्ट से भेजा पत्र और राखी मिली कि नहीं। बेटी ने इस उम्मीद में राखी भेजी थी कि रक्षाबंधन से पहले तो यह अवश्य मिल जाएगी। रक्षाबंधन के पांच दिन बाद जोशी को यह पत्र मिला है। उन्होंने कहा कि डाक विभाग की लापरवाही से उनको तथा उनकी बेटी को 15 दिन तक मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले को उन्होंने पोस्टमास्टर और डाक अधीक्षक के सामने भी रखा, लेकिन किसी भी स्तर पर उनको समुचित जवाब नहीं मिला। अब जोशी ने इस मामले को उपभोक्ता फोरम में ले जाने का फैसला लिया है। स्पीड पोस्ट के लिए डाक विभाग ने 40 रुपये का शुल्क भी लिया था।