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उच्च हिमालय के गांवों में फंसे लोगों को निकालने में लग सकता है दो दिन का समय

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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी गांवों में फंसे लोगों को निकालने में अभी दो दिन का समय और लग सकता है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मजदूरों को बंद रास्ते खोलने के लिए भेजा है, लेकिन ग्लेशियर टूटने से बर्फ को हटाने और रास्तों को दुरुस्त करने में अभी समय लग सकता है।
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मुनस्यारी से जोहारी समुदाय के लगभग एक हजार लोग 26 अगस्त को नंदा अष्टमी पूजा के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों रालम, मिलम, पांछू, गनघर, मापा, खिलाच, मर्तोली, बुर्फू, रिलकोट, बिल्जू, तोला ल्वा गए थे। बारिश के कारण बबलधार से पुमत्यो तक रास्ते पूरी तरह ध्वस्त होने और छिरकानी में ग्लेशियर के टूटने से लौटने के सभी रास्ते बंद पड़े हैं। ऐसे में लोग रास्ते खुलने का इंतजार कर रहे हैं। जान जोखिम में डालकर लौटे दुम्मर गांव के प्रधान पंकज बृजवाल की सूचना के बाद प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने मजदूर भेजे हैं। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर खिसकने के कारण मार्ग पर भारी मात्रा में बर्फ जमा है। ऐसे में रास्ते खोलने में दो दिन का समय लगने की संभावना है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अभी राशन का संकट नहीं
मुनस्यारी। उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए मुनस्यारी से राशन सहित अन्य जरूरी सामान भेजा जाता है। सीमा पर तैनात सैन्य बलों की पोस्टों के लिए घोड़े और खच्चरों से रसद की आपूर्ति की जाती है। मार्ग बंद होने से इस समय घोड़े खच्चर नहीं जा पा रहे हैं। माइग्रेशन वाले गांवों और अग्रिम चौकियों के लिए राशन की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार कुंदन सिंह पांगती ने बताया कि वहां पर पर्याप्त मात्रा में राशन है। रास्ता खुलते ही फिर राशन भेजा जाएगा।
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