पिथौरागढ़/अस्कोट/गंगोलीहाट। सीमांत जिले में रामनवमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। नवरात्र के उपवास पर रहे भक्तों ने कन्या पूजन कर पारायण किया। इस दौरान देवी स्वरूप कन्याओं को जिमवा कर भेंट दी गई।
जिला मुख्यालय के चिमस्यानौला स्थित ब्रह्मकुमारीज राजयोग केंद्र में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। शिक्षा गोबाड़ी और पविका खोलिया ने देवी की स्तुति के साथ नृत्य किया। यामिनी ने देवी का भजन गया। केंद्र की संचालिका डॉ. उमा पाठक ने नवरात्र के महात्म्य तथा शक्ति स्वरूपा देवी के विभिन्न स्वरूपों में छिपे हुए रहस्य को समझाया। यहां गोविंदी खड़ायत, नंदा ऐरी, गीता बिष्ट, कमला मखौलिया, कमला खोलिया, जानकी पंत, गीता पांडे समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।
अस्कोट के मल्लिकार्जुन महादेव, हुष्कर देव, छुरमल देवरर मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर कन्या पूजन किया। बृहस्पतिवार को मंदिरों में बोया हरेला देवता को अर्पित कर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गंगोलीहाट में रामनवमी का त्योहार उल्लास के साथ मनाया गया। भक्तों ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें विभिन्न पकवानों का भोग लगाया। झूलाघाट, कनालीछीना, डीडीहाट, थल, बेड़ीनाग, धारचूला, मुनस्यारी में भी रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
फोटो 17 पीटीएच 06 पी- अस्कोट में पूजन को बैठीं कन्याएं। संवाद
फोटो 17 पीटीएच 07 पी- गंगोलीहाट में कन्या पूजन करते भक्त। संवाद
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नौ दिन व्रत कर लिया मां का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत/लोहाघाट/बनबसा। नवरात्र के नौवें दिन आदिशक्ति मां नवदुर्गा की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। बुधवार को घर-घर में देवी स्वरूप बालिकाओं की पूजा अर्चना हुई और लोगों ने कन्याओं को देवी की श्रंगार सामग्री सहित उपहार भेंट किए। नौ दिनों तक व्रत धारण करने वाले लोगों कन्याओं का पूजन कर व्रत का उद्यापन किया। नवमी पर जिले के हिंग्लादेवी, क्रांतेश्वर, बालेश्वर, नागनाथ, सप्तेश्वर, ऋषेश्वर, पंचेश्वर, रामेश्वर, झुमाधुरी, मानेश्वर, मां कड़ाई मंदिर, झुमाधुरी, लड़ीधुरा, मां बाराही मंदिर देवीधुरा, गहतोड़ा फटकशिला और पंचेश्वर आदि मंदिरों में मां के भक्तों ने मां नवदुर्गा की पूजा की गई।
लोहाघाट में श्रद्धालुओं ने घरों में कन्या पूजन कर व्रत का उद्यापन किया। मंदिरों और घरों में अखंड रामायण पाठ और सुंदर कांड का आयोजन हुआ। देवीधार स्थित मां भगवती, ऐड़ी फटकशिला, मस्टा मंदिर पाटी, केदारनाथ, मां भगवती मंदिर परध्यानी, सुंई के मां भगवती, आदित्य महादेव, मस्टा मंडाली, गलचौड़ा, वन देवी, मां झूमाधुरी, दिगालीचौड़ के मां अखिल तारिणी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। नेपाल सीमा से लगे पंचेश्वर, रामेश्वर के शिव मंदिरों में देर रात तक पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा। बनबसा में लोगों ने पूजा अर्चना बाद नौ कन्याओं को भोग लगा व्रत खोला। एनएचपीसी में नौ दिनों से चली पूजा उपरांत राम नवमी पर हवन यज्ञ का आयोजन हुआ।
फोटो 17 एलएचजी 04पी
फोटो 17 बीएनबी 101 पी।संवाद
17सीपीटी11 पी- जिला मुख्यालय में व्रतधारियों को आशीर्वाद देती कन्याएं। संवाद