शिक्षकों की कमी से जूझ रहा जीआईसी राईआगर
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पांच सौ की छात्रसंख्या वाले राजकीय इंटर कॉलेज राईआगर में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। पढ़ाई चौपट होने से अभिभावक चिंता में हैं। कई बार रिक्त पदों को भरने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले शिक्षासत्र में गेस्ट टीचरों की मदद से शिक्षण कार्य हो रहा था, लेकिन इस बार गेस्ट टीचरों को तैनाती का आदेश नहीं मिला है।
विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से खाली है। इसके अलावा हिंदी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से नहीं भरे गए। एलटी ग्रेड में भी शिक्षकों के तीन पद खाली हैं। अभिभावकों का कहना है कि पहले विद्यालय में स्टाफ पूरा था, लेकिन यहां तैनात शिक्षकों में से कई ने अन्य सुविधाजनक स्थानों पर अपना ट्रांसफर करा दिया और उनकी जगह पर नई तैनाती नहीं की गई, जबकि विभाग की ओर से यह आदेश जारी किया गया है कि बिना प्रतिस्थानी के किसी भी शिक्षक को कार्यमुक्त न किया जाए। यह भी बताया गया कि एलटी ग्रेड में अंग्रेजी का शिक्षक लंबे समय से अवैतनिक अवकाश पर है। अभिभावकों के सामने बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं रह गया है। नजदीक में कोई इंटर कॉलेज नहीं है। यदि बेड़ीनाग इंटर कॉलेज में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाते हैं तो वहां पर किराए पर कमरा लेना पड़ेगा।
अभिभावकों ने बैठक में कहा कि अब शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। बैठक में नवीन आगरी, पुष्कर सिंह, नंदन सिंह, गोपाल सिंह भंडारी, अर्जुन सिंह, जीवन सिंह, विक्रम सिंह, पूरन राम, खुशाल सिंह आदि थे। खंड शिक्षा अधिकारी तरुण पंत ने कहा कि शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य प्रभावित होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा विभाग में नई नियुक्तियां या प्रमोशन की सूची जारी होगी तो सबसे पहले शिक्षकविहीन विद्यालयों को वरीयता में रखा जाएगा।