जीआईसी ख्वांकोट में प्रधानाचार्य के साथ ही शिक्षकों के पद रिक्त होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल की छात्रसंख्या भी लगातार घट रही है।
पीटीए अध्यक्ष चंद्र सिंह सामंत, समाजसेवी पप्पू पोखरिया कहते कि जीआईसी में रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता नहीं हैं। प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से रिक्त है। फरवरी तक गेस्ट टीचर मिले थे, लेकिन अब शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। स्कूल में पढ़ने वाले 130 विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
इंटर में 30 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावक पढ़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। कहा गया कि जून में शिक्षकों की तैनाती का मामला मुख्य शिक्षाधिकारी के सामने रखा था। शिक्षक तैनात करने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक एक भी शिक्षक की तैनाती स्कूल में नहीं की गई है।
पव्वाधार जीआईसी में पद सृजित करो
गंगोलीहाट। जिला पंचायत सदस्य हरीश भंडारी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र भेजकर जीआईसी पव्वाधार में शिक्षकों के पद सृजित करने की मांग की है। कहा कि वर्ष 2011 में खुले इंटर कॉलेज में अब तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं, जिस कारण कक्षा 11 में प्रवेश नहीं दिए जा रहे हैं। इलाके के बच्चों को इंटर की शिक्षा के लिए 15 से 20 किमी दूर जाना पड़ रहा है। ज्ञापन में सर्वजीत राम, अक्षय कुमार, आनंद प्रसाद, नरेंद्र प्रसाद, महेश चंद्र के हस्ताक्षर हैं। उधर, खंड शिक्षाधिकारी योगेश मेहरा ने कहा कि जिला शिक्षाधिकारी ने जीआईसी पव्वाधार और जीआईसी कोठेरा में कक्षा 11 में प्रवेश देने के आदेश प्रधानाचार्यों को दिए हैं। पद सृजन की कार्रवाई चल रही है।