झूलाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग पर स्थित गौरीहाट कस्बे के दोनों हैंडपंप चार माह से खराब चल रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और नेपाल की ओर जाने वाले यात्रियों को पानी नहीं मिल पा रहा।
व्यापार संघ अध्यक्ष पूरन सिंह धारियाल ने बताया कि गौरीहाट कस्बे में हमेशा पेयजल किल्लत रहती है। आसपास के दर्जनों गांवों के साथ ही झूलाघाट की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए यहां दो हैंडपंप लगाए गए थे, लेकिन रखरखाव न होने के कारण हैंडपंपों से पानी नहीं आ रहा है। चार महीने पहले एक हैंडपंप का हैंडल भी कोई उठा ले गया। विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने पर भी कोई देखने नहीं आया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार ने कहा कि मूनाकोट के अवर अभियंता को मौके पर भेजा जा रहा है। हैंडपंपों को ठीक किया जाएगा।
जिले में 550 हैंडपंप
जल संस्थान ने वर्ष 2002 से अब तक जिले में 550 हैंडपंप लगाए हैं। बताया गया है कि भू-वैज्ञानिकों का दल हर वर्ष अप्रैल से जून तक भूजल की जांच करता है। जमीन के भीतर 300 मीटर के दायरे में पानी होने का पता लगाकर दोबारा से हैंडपंप लगाए लगाए जाते हैं। 39 हैंडपंप स्रोत सूखने के कारण काम नहीं कर रहे थे। खराब हैंडपंपों के स्थान पर 15 हैंडपंप दोबारा लगाए जा चुके हैं।