पौष के प्रथम रविवार को पिथौरागढ़ में बैठकी होली गायन करते कलाकार
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पौष के प्रथम रविवार से नगर में बैठकी होली शुरू हो गई है। रविवार को पहली बैठकी होली का आयोजन फारेस्ट कालोनी में योगेश पांडे के आवास पर हुआ। अपरान्ह पांच बजे से होली गायक जुटने शुरू हुए। शुरुआत में बैठकी होली में भगवान की स्तुति पर आधारित राग पीलू, राग काफी पर आधारित होली गीत पेश किए जाते हैं।
होली गायक केदार दत्त भट्ट ने कबहुं मिलोगे घनश्याम, अंखिया प्यासी हैं, गीत से होली की शुरुआत की। उसके बाद बसंत बल्लभ पांडे ने भव भंजन गुण गाऊं, अपने राम को रिझाऊं, होली गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। हारमोनियम और तबले की थाप पर होली गायकों ने भक्ति पर आधारित गीत प्रस्तुत किए।
होली गायक मुन्ना गिरी गोस्वामी ने बताया कि शुरुआत में भगवान की स्तुति वाले गीतों को ही गाया जाता है। अगले दो-तीन हफ्तों तक इसी तरह के गीत चलेंगे। उसके बाद सौंदर्य, शृृंगार पर आधारित गीत पेश किए जाएंगे। होली आने तक इसी तरह के कार्यक्रम चलते रहेंगे। प्रथम बैठकी होली कार्यक्रम में गजेंद्र अधिकारी, भास्कर कर्नाटक, केदार दत्त खर्कवाल, संतोष साह, श्रीकृष्ण अवस्थी, धरणीधर पांडे आदि गायक शामिल हुए। बैठकी होली का गायन शास्त्रीय संगीत पर आधारित होता है।
पिथौरागढ़ नगर में पिछले कुछ वर्षों से बैठकी होली गायन की समृद्ध परंपरा शुरू हो चुकी है। कई गायक दल यहां पर गठित हो चुके हैं। महाकाली संगीत समिति का गठन भी यहां किया गया है। यह समिति 25 वर्षों से गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में बैठकी होली गायन के लिए जाती है।