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जिले की जगह पालिका के झुनझुने से लोग नाराज

Sun, 18 Dec 2016 09:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
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डीडीहाट निवासी भवान सिंह - फोटो : अमर उजाला
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डीडीहाट के लोग आज खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। शनिवार को जब मुख्यमंत्री ने जीआईसी मैदान में आयोजित सभा में कहा था कि डीडीहाट के लोगों को कैबिनेट की बैठक में तोहफा मिलने वाला है तो लोगों ने सीधे-सीधे यही अनुमान लगाया कि कैबिनेट की बैठक में जिले के गठन पर मुहर लग जाएगी।
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इसी उम्मीद में लोग रात 12 बजे तक टीवी से चिपके रहे, लेकिन जब कैबिनेट में जिले की जगह पालिका के गठन का एलान हुआ तो लोग मायूस हो गए। वजह यह थी कि मुख्यमंत्री ने 14 जून 2015 को डीडीहाट दौरे के समय ही नगरपालिका के गठन की घोषणा कर दी थी। उसके बाद पालिका के लिए सीमांकन भी शुरू हो गया था। लोगों को पहले से ही पता था कि डीडीहाट अब नगर पंचायत नहीं, नगरपालिका हो चुकी है। फिर कैबिनेट की बैठक में इसी प्रस्ताव को दोबारा लाने का कोई औचित्य नहीं था। अब जल्द ही आचार संहिता लगने वाली है और कम से कम इतना तो तय हो गया है कि वर्तमान सरकार डीडीहाट जिले का गठन करने वाली नहीं है।

किसी सरकार ने नहीं निभाया वादा
पूर्व सैनिक भवान सिंह का कहना है कि किसी भी सरकार ने जिले के मामले में जनता से किया गया वादा नहीं निभाया। वह कहते हैं कि पहले भाजपा और अब कांग्रेस लोगों के साथ छल करने में लगी है। इससे अहित जनता का ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकारों में इच्छाशक्ति नहीं है तो जनता कहां जाएगी।
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यह राजनैतिक शून्यता को दर्शाता है
व्यवसायी अमरनाथ नेगी का कहना है कि यह राजनैतिक शून्यता और इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री को जब जिले के मामले में इस तरह लोगों को गुमराह करना था तो उनको शनिवार को डीडीहाट में सभा ही नहीं करनी चाहिए थी। भाजपा ने भी पहले इसी तरह का छल किया था। अब कांग्रेस भी उसमें शामिल हो गई।

जले पर नमक छिड़कने जैसा काम
डीडीहाट निवासी उमेश कांडपाल तो इतना व्यथित हैं कि उन्होंने जिले की जगह पालिका के गठन के फैसले को जले पर नमक छिड़कने की संज्ञा दे दी है। उन्होंने कहा कि पालिका का गठन करना कोई नई बात नहीं है। लोग जिला मांग रहे हैं और उनको पालिका गठन की बात कहकर मनाने की कोशिश हो रही है। यह निर्णय गलत है।

डीडीहाट वालों को जिला चाहिए
जिला बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक मोहन सिंह मर्तोलिया का कहना है कि जनता के लिए राजनैतिक दलों ने कोई रास्ता नहीं छोड़ा है। जब हर दल जनता के साथ इसी तरह दगाबाजी करता रहेगा तो लोग यकीन भी कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि डीडीहाट के लोगों को जिला चाहिए और सरकार को तत्काल फैसला लेना चाहिए।
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