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Pithoragarh News: गराली गांव... यहां घर तक आते-आते भाव खा जाता है सिलिंडर

Wed, 18 Jun 2025 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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गराली गांव।
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। पहाड़ाें पर जीवनयापन चुनौतीपूर्ण है। यहां के गांवों में रहने वाले लोगों को छोटी से छोटी चीज के लिए भी लंबा सफर तय करना पड़ता है लेकिन उनकी समस्याएं तब और बढ़ जाती हैं जब गांव तक सड़क न हो या फिर सड़क होने के बावजूद यह मलबे के कारण बंद हो। ऐसा ही गांव है डीडीहाट तहसील का गराली। इस गांव को जोड़ने वाली सड़क दो साल से बंद है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को सिलिंडर की कीमत शायद देश भर में सबसे अधिक चुकानी पड़ रही है। जो सिलिंडर डीडीहाट में 890 रुपये में मिलता है, वह इस गांव के ग्रामीणों के घर तक पहुंचते-पहुंचते 1800 रुपये तक हो जाता है।
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डीडीहाट से गराली गांव की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। गांव को डीडीहाट से जोड़ने वाली देवीसूना-कूटा-गराली सड़क पीएमजीएसवाई के अधीन है। वर्ष 2023 की बरसात में कूटा से आगे आठ किमी के दायरे में जहां-तहां सड़क मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई थी। लंबे समय तक लोग सड़क को खोलने की मांग उठाते रहे लेकिन विभाग बजट का रोना रोता रहा।

दो साल से सड़क बंद होने का खामियाजा सबसे अधिक गराली के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को जरूरी सामान पीठ पर लादकर गांव तक लाना पड़ रहा है। रसोई गैस सिलिंडर गांव तक पहुंचाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्हें यहां सिलिंडर की दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। संवाद
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गराली से बलमरा होकर डीडीहाट पहुंच रहे हैं ग्रामीण

कूटा-गराली सड़क बंद होने से गराली के ग्रामीण चार किमी पैदल चलकर बलमरा पहुंच रहे हैं। यहां से उन्हें डीडीहाट के लिए गाड़ी मिलती है। इससे उन्हें जौलजीबी-अस्कोट-ओगला होते हुए 20 किलोमीटर की अतिरिक्त यानी 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इस कारण ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


ग्रामीणों की पीड़ा
सड़क बंद होने से सिलिंडर हो या अन्य जरूरत का सामान, उसके लिए अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। सड़क कटिंग के दौरान गराली गांव को जोड़ने वाले सभी पैदल रास्ते भी बंद हो गए थे। ग्रामीणों को जंगल के रास्ते कूटा पहुंचकर आगे के लिए गाड़ी पकड़नी पड़ रही है। इसमें समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। - दान सिंह कन्याल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य


दो साल से कूटा से गराली तक आठ किमी सड़क बंद होने से गराली के लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। सड़क कटिंग के दौरान सारे पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को जंगलों के रास्ते गांव जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारियों को शायद हमारी समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। - दान सिंह कन्याल, ग्रामीण
फोटो: 18पीटीएच 01पी- दान सिंह कन्याल।


सड़क बंद होने का सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। पैदल रास्तों के टूटने से मवेशियों के लिए चारा लाने, बच्चों को स्कूल भेजने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर करीब 800 से 1000 रुपये अधिक दाम पर गांव तक पहुंच रहा है। जनहित में सड़क को जल्द खोला जाना चाहिए। - गोदावरी भंडारी, ग्रामीण

फोटो: 18पीटीएच 02पी-गोदावरी भंडारी।
बोले अधिकारी

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ठेकेदार को अंतिम नोटिस दिया गया था। ठेकेदार ने बताया है कि सड़क खोलने के लिए मजदूर लगा दिए हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 10 दिन में सड़क को खोल दिया जाएगा। - गुरमीत सिंह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई डीडीहाट
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