जजुट गांव के पास चिराणी नाले में तेंदुआ का शव बरामद हुआ है। इससे पहले 15 फरवरी को इसी तहसील के बनेला गांव में भी तेंदुए का शव मिला था।
वन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सकों ने तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष में होने की बात कही है। जजुट के प्रधान गिरीश जोशी ने बुधवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी कि नाले में तेंदुए का शव पड़ा है।
इस पर वन दरोगा बृजमोहन पंत, गंगा सिंह बोरा, कमलेश कार्की और देवेंद्र मेहरा मौके पर पहुंचे। तेंदुए के शव को दशाईथल पशु अस्पताल लाया गया।
पशु चिकित्सक डा. मोहन आर्या ने बताया कि यह मादा तेंदुआ था। इसकी उम्र करीब पांच वर्ष की रही होगी। उसके पेट में 20 दिन का भ्रूण भी था। तेंदुए की लंबाई 188 सेंटीमीटर, ऊंचाई 62 सेंटीमीटर थी। इसके पेट और गर्दन में चोट के निशान थे। बाई आंख फूटी थी।
डा. आर्या के अनुसार तेंदुआ एक सप्ताह से भूखा था। शायद चोट लगने से वह शिकार नहीं कर पाया। लगातार तेंदुओं के शव मिलने से वन विभाग के अधिकारी सकते में हैं। तीन दिन के भीतर दो तेंदुओं की मौत होने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।