अस्कोट में विद्युत कटौती के खिलाफ प्रदर्शन करते उपभोक्ता।
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दो दिनों से दिनभर बिजली की चल रही आंखमिचौली से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाराज लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता तनुज पाल के नेतृत्व में विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। कहा शीघ्र अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ठंड का मौसम और बिजली गुल लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहा है। बीते बुधवार सुबह छह बजे से क्षेत्र में बिजली के आने-जाने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह दिनभर चलता रहा। पूरे दिन बमुश्किल 6-7 घंटे ही क्षेत्र में बिजली सप्लाई हो पाई। बृहस्पतिवार को सुबह 5:30 बजे से अघोषित बिजली कटौती फिर शुरू हो गई, जिसके चलते क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सामाजिक कार्यकर्ता तनुज पाल ने अघोषित बिजली कटौती पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन 12 घंटे भी लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कहा कि अघोषित बिजली कटौती शीघ्र बंद नहीं की गई तो सरकार के खिलाफ क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरेंगे। वहीं विद्युत विभाग के एसडीओ गिरीश चंद्र पांडेय का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों के चलते ग्रिड से ही बिजली की कटौती की जा रही है। शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में विनोद खत्री, दीपक सामंत, कैलाश पाल, गोविंद रावत, गोविंद पाल, हरी राम, हेमराज पाल, रविंद्र पाल, अजय कुमार, नीरज सिंह आदि थे।