जर्जर हालत में पहुंचा गोरघटिया का पैदल पुल।
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थल बाजार से कई गांवों को जोड़ने के लिए गोरघटिया नाले पर बना पैदल पुल खतरनाक हालत में पहुंच गया है। पांच साल से लोग इस पुल पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को पाटने के लिए लकड़ी और पत्थरों का सहारा ले रहे हैं। कई बार स्थानीय लोग इस पुल की मरम्मत की मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुल की देखरेख का काम लोनिवि के पास है।
लोगों का कहना है कि लोनिवि ने पुल का निर्माण करने के बाद उसकी कोई देखरेख नहीं की। पुल पर लगे टिन धीरे-धीरे सड़ गए। पुल की हालत इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस पुल से रूईनाथल, पुरानाथल, डांगीगांव, जाजर, कालीविनायक, गंगोरा, माछीखेत, बलतड़ी, पीपलतड़, चौपाता, गड़तिर, चमोड़ा, उपराड़ा, बेलकोट समेत कई गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। खल बाजार से इन गांवों को जाने के लिए भी इसी पुल से होकर निकलना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता दान सिंह बिष्ट और हरीश जोशी ने जल्द से जल्द पैदल पुल की मरम्मत की मांग की है। वहीं लोनिवि के सहायक अभियंता एनसी पलड़िया ने कहा कि पुल की स्थिति का जायजा लेने के लिए अवर अभियंता को भेजा जाएगा। पुल की मरम्मत का काम जल्दी शुरू कर दिया जाएगा।