असम राइफल्स के मृतक वारंट आफीसर के पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी देते सेना के जवान
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असम राइफल्स के वारंट अफसर गोविंद सिंह देउपा का बृहस्पतिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। 57 वर्षीय गोविंद सिंह के पार्थिव शरीर को लेकर यहां पहुंचे जवानों ने बताया कि 25 सितंबर को तबियत खराब होने के कारण उनका असम के सिलचर अस्पताल में निधन हो गया था। वारंट अफसर के 15 वर्षीय बेटे भरत सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी।
वारंट अफसर गोविंद सिंह की असम राइफल्स में 35 वर्ष की सेवा हो चुकी थी। इस बीच वह सेवानिवृत्ति के कागजात तैयार करने में लगे थे। यहां भकुना गांव निवासी गोविंद सिंह की तीन बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है और दो कॉलेज में पढ़ रही हैं। बेटा भरत कक्षा नौ में पिथौरागढ़ बियरशीबा स्कूल में पढ़ता है। पार्थिव शरीर को यहां लेकर पहुंचे सूबेदार धन सिंह गुंसाई ने बताया कि वारंट अफसर गोविंद सिंह की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। उनका रक्तचाप कम हो गया।
डॉक्टरों के काफी प्रयासों के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। बृहस्पतिवार दोपहर बाद थल घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 3 कुमाऊं राइफल्स के मेजर आलोक सिंह और सूबेदार राजन कांडपाल के नेतृत्व में आए सेना के जवानों ने दिवंगत वारंट अफसर को अंतिम सलामी दी। शवयात्रा में भकुना गांव से भी कई लोग पहुंचे। पूरे गांव में शोक की लहर है।