डीडीहाट (पिथौरागढ़) । सरकारी बजट को कागजों में कैसे दिखाया जाता है इसका जीता जागता उदाहरण शिक्षा विभाग ने पेश किया है। एक स्कूल की मरम्मत के लिए 31 मार्च की रात नौ बजे धन आवंटित किया गया। तीन घंटे में धन खर्च नहीं करने पर उसे शासन को लौटा दिया गया।
विकास खंड के प्राइमरी पाठशाला गोलमानू के भवन की मरम्मत के लिए 17 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के माध्यम से शिक्षा विभाग को 11.50 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आरडब्ल्यूडी के माध्यम से आंगणन बनाकर धन आवंटन का प्रस्ताव शासन को भेजा। अक्टूबर में गए प्रस्ताव को मंजूरी शिक्षा विभाग ने 31 मार्च 2026 को रात नौ बजे दी, वह भी महज 12 बजे तक। तीन घंटे में काम पूरा नहीं करने पर धनराशि शासन को वापस भेजने के निर्देश दिए गए।
महज तीन घंटे में 11.50 लाख रुपये खर्च नहीं कर पाने की स्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने उक्त धनराशि शासन को वापस भेज दी। प्राइमरी स्कूल गोलमानू के एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पांच साल से स्कूल में दरारें पड़ी हैं। 16 बच्चों की छात्र संख्या वाले विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है, जिसमें पांच बच्चे पढ़ने आते हैं। बावजूद इसके सरकारी उदासीनता के चलते आज भी स्कूल भवन की मरम्मत के लिए धन नहीं मिल सका है।
............
प्राइमरी पाठशाला गोलमानू की भवन मरम्मत का पैसा स्वीकृति के बाद क्यों वापस भेजा गया। इस मामले को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
-विशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट
...............
आया हुआ पैसा वापस नहीं किया जाता है। इस्टीमेट दोबारा बनाकर भेजा गया है।
-तरुण कुमार पंत, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़