पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम मैदान पर जनता का अभिवादन स्वीकारते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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मौसम की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण भी एकदम साफ रहा। पहली बार पिथौरागढ़ पहुंचे पीएम ने उत्तराखंड में अपनी ही आखिरी चुनावी सभा में साफ संकेत दिया कि पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों का दिल जीत लिया तो माना जाए कि चुनाव जीत लिया। प्रदेश के एक लाख से अधिक सैन्य परिवारों के लिए मोदी ने वन रैंक, वन पेंशन पर छाए कुहासे को छांटा, उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं गिनाई, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का गणित भी समझाया। बाकी बची कसर पीएम ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के धारचूला सीट को छोड़ने और प्रदेश सरकार के विकास के विजन को चुनौती देकर पूरी की।
मोदी का ही आकर्षण रहा कि पिथौरागढ़ की करीब 30 हजार की क्षमता वाला खेल स्टेडियम खचाखच भर गया। आसपास के मकानों की छत पर खड़े होकर भी लोगों ने मोदी को देखा और सुना। इस भीड़ से मोदी खुद भी अभिभूत हुए और कहा कि छह मंजिला सभा उन्होंने इससे पहले कभी नहीं देखी। इतना होने पर भी मोदी शायद मन बनाकर आए थे। पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों की जिले में खासी संख्या का आंकड़ा उन्हें इतना भाया कि उज्ज्वला योजना के तहत बांटे जा रहे गैस कनेक्शन की योजना को भी उन्होंने पूर्व सैनिकों से ही जोड़ा। इस पर बोले कि सैनिकों की माताओं का चूल्हे में खाना पकाना पड़ता है और वे एक बार में चार हजार सिगरेट का धुआं लेने को मजबूर होती हैं। इसलिए केंद्र सरकार मुफ्त में गैस कनेक्शन दे रही है।
इतने में मन नहीं भरा तो वन रैंक, वन पेंशन को पूरी तरह से लागू करने का आश्वासन दिया। कहा, सेना के प्रति प्यार हो तब ही सरकार इस तरह के फैसले करती है। इसके बाद लंबी फेहरिस्त उन कामों की रही जो सेना के लिए केंद्र ने किए हैं। पहाड़ की जवानी और पहाड़ के पानी की बात करते हुए मोदी पलायन की समस्या तक आए और इसको मुख्यमंत्री हरीश रावत के धारचूला सीट को छोडने पर पहुंचाकर ट्रैक बदल गए। सरकारी नौकरियों में भ्रष्ट्राचार की जड़ इंटरव्यू को बताया और कहा कि वर्ग तीन और चार में केंद्र सरकार ने इंटरव्यू खत्म किया पर उत्तराखंड सरकार ने नहीं किया। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विकास के लिए पांच शक्तियों को गिनाया, पंचेश्वर बांध का मुद्दा उठाया, लेकिन इन मामलों में कोई स्पष्ट बात नहीं की।
इतने से मन नहीं भरा तो सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठाते हुए कह भी दिया कि मोदी पर जितने सवाल उठाने हैं, उठाओ पर सेना पर शक न करो। पीएम ने लगे हाथों यह भी साफ कर दिया कि केंद्र पैसे देने को तैयार है पर प्रदेश सरकार जरूरी औपचारिकताएं तक नहीं निभा पा रही है। प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए मौसम भी मेहरबान रहा। पूरी तरह से धूप खिली रही।