पिथौरागढ़। सर्दी का मौसम शुरू होते ही पाला गिरना शुरू हो गया है। सड़कों का रखरखाव करने वाली एजेंसी ने अभी चूने और नमक का छिड़काव नहीं किया है। पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। इस कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला रोड और झूलाघाट रोड पर पाला पड़ना शुरू हो गया है। झूलाघाट रोड पर हुड़कना पुल सहित कई अन्य हिस्सों में पाला पड़ रहा है। पिथौरागढ़-धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग में नैनीपातल, पातलपोखरा, पनखोली, सतगढ़, गुड़ौली, चर्मा, अस्कोट सहित कई अन्य हिस्सों में जबरदस्त पाला पड़ता है।
पिथौरागढ़-धारचूला राष्ट्रीय राजमार्ग में नैनीपातल, कंचनपुर, कुलानपुल सहित कई अन्य हिस्सों में दो पहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। गंगोलीहाट-राईआगर सड़क में भी जबरदस्त पाता पड़ता है। लोगों ने कार्यदायी संस्थाओं से नियमित चूने का छि़ड़काव करने की मांग की मांग की हैं।
इन स्थानों पर संभलकर चलाएं वाहन-
नैनीपातल, हुड़कना, सिरड़, आठगांव शिलिंग, अशोक नगर, थल, डीडीहाट, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट आदि।
कोट
कार्यदायी संस्थाओं को पाला संभावित क्षेत्रों में चूने और नमक छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगा लिए जाएंगे। - रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।