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Pithoragarh News: अनियमित जीवनचर्या दे रहा मधुमेह का जहर

Mon, 13 Nov 2023 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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मधुमेह दिवस पर विशेष
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पिथौरागढ़/चंपावत। मधुमेह जैसी बीमारी पहाड़ों पर भी लगातार बढ़ती जा रही है। मानसिक तनाव और अनियमित जीवनचर्या के कारण लोग मधुमेह का शिकार हो रहे हैं। बीडी पांडे जिला अस्पताल में हर माह 300 से अधिक मधुमेह के मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसी तरह चंपावत जिले में एक साल में 4950 लोग मधुमेह की गिरफ्त में आए हैं। तीन लाख की आबादी वाले चंपावत जिले में करीब 47 हजार लोग पहले से ही मधुमेह से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के अलावा लोहाघाट और टनकपुर में एनसीडीपी के तहत मधुमेह की निशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है।
अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमसी रजवार ने बताया कि मधुमेह आनुवांशिक भी होता है लेकिन वर्तमान समय में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। चलना-फिरना कम कर दिया है। तला-भुना और मीठी चीजें अधिक खाते हैं। अनियमित दिनचर्या भी कई प्रकार की बीमारी का कारण भी है। उन्होंने बताया कि मधुमेह एशिया में तेजी से फैल रहा है। चीन के बाद भारत में सबसे अधिक इसके मरीज आते हैं। यदि लोगों ने खानपान और दिनचर्या पर ध्यान नहीं दिया तो निकट भविष्य में भारत मधुमेह की बीमारी के मामले में नंबर एक बन जाएगा।
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प्रभारी सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि अस्पताल में दो फिजिशियन हैं। डॉ. एमसी रजवार और डॉ. डीएस धर्मशक्तू। इसके अलावा चिकित्सक डॉ. संगना भी मधुमेह के मरीजों का इलाज करती हैं। इनके पास हर रोज अनुमानित 12 मधुमेह के मरीज इलाज के लिए आते हैं। हर माह करीब 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिले में कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जो अपना उपचार बाहर से ही कराते हैं।

मधुमेह के खतरे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इससे घबराने के बजाय संतुलित दिनचर्या अपना कर इस पर काबू पाने का प्रयास करना जरूरी है। 40 वर्ष के बाद मधुमेह की नियमित जांच कराई। चंपावत जिले में एनसीडीसीपी के अंतर्गत निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है। 2023-24 के पहले छह माह में 35412 परीक्षण में 897 नए लोग मधुमेह से ग्रस्त पाए गए हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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इसलिए बढ़ रहा है मधुमेह का खतरा

सेहतमंद खानपान की कमी, व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों का अभाव, जीवन शैली में बदलाव, तनाव की अधिकता।
ऐसे बचे मधुमेह से
40 साल बाद नियमित रूप से मधुमेह की जांच कराएं, यूरिन से भी मधुमेह की जांच कराई जा सकती है। फास्ट फूड और मैदा वाले खाने से बचें, फाइबरयुक्त खाना खाएं, नियमित दिनचर्या, व्यायाम करें, तनाव को कम करें, चिकित्सकीय सलाह से दवाओं का सेवन करें। हर रोज व्यायाम करें, देर तक न सोएं। उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए ब्राउन चावल, करेले का सेवन करें। उक्त रक्तचाप के मरीजों को नियमित रूप से दवा लेना जरूरी है।
लक्षण
- व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है।
- थकावट, ज्यादा तनाव।
- रोगी को सीने में दर्द, भारीपन।
- रोगी को सांस लेने में परेशानी, घबराहट।
- कुछ भी समझने, बोलने में कठिनाई।
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