सीमांत तहसील धारचूला की संचार सेवा रविवार को फिर ठप हो गई। धारचूला की एसटीडी, इंटरनेट, मोबाइल सेवा ठप होने से उपभोक्ताओं व चुनाव की तैयारी में लगा प्रशासन जरूरी संदेश नहीं भेज पा रहा है। धारचूला में सिर्फ बीएसएनएल की मोबाइल सेवा उपलब्ध है। सीमित दायरे में दी गई इस सेवा में अक्सर व्यवधान आते रहता है।
रविवार सुबह आठ बजे ही मोबाइल का नेटवर्क गायब हो गया। बताया जा रहा है कि जौलजीबी और धारचूला के बीच केबल कटने से यह समस्या हुई है। संचार सेवा ठप होने से व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि कई बार सेवा में सुधार के लिए आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन बीएसएनएल के अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते। निजी कंपनियों के टावर लगाने को लेकर यहां राजनीति तो बहुत हो चुकी है, लेकिन निजी कंपनी का एक भी टावर अब तक शुरू नहीं हो पाया है। भाजपा नेता दावा करते आए हैं कि धारचूला क्षेत्र में निजी कंपनियों के टावर मंजूर हो गए हैं जबकि कांग्रेस इस मामले में केंद्र सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाती है।
नेपाली सिम लेना मजबूरी
बीएसएनएल की सेवाएं ठप होने के बाद आम उपभोक्ताओं व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को मजबूरी में नेपाली सिम रखने पड़ रहे हैं। सरकार की जानकारी में ये सारी बातें होने के बावजूद राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अमर उजाला लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है।