कूटा के पास छिमियागाड़ में बना पैदल पुल सोमवार रात अचानक टूटकर गिर गया, जिससे कूटा, जमतड़ी, बाजर और बसौरा गांव के लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। इसी पुल से स्कूली बच्चे, डीडीहाट और अस्कोट बाजार को जाने-वाले लोग आवाजाही करते थे। बताया गया कि पुल की नींव काफी समय से खोखली होने लगी थी। गांव के लोगों ने पुल की मरम्मत की मांग को लेकर कई बार डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष को पत्र लिखे थे, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। मंगलवार सुबह जब लोग इस पुल के पास पहुंचे तो पुल की एक तरफ की दीवार धंसी थी और पुल नाले में गिरा था।
क्षेत्र पंचायत सदस्य उमेद अधिकारी, प्रधान गोविंद भंडारी, पूर्व प्रधान रामी राम समेत कई लोगों ने डीएम को पुल टूटने की जानकारी दी है। बताया गया कि पैदल पुल का निर्माण 1996 में जिला पंचायत ने किया था। 12 मीटर लंबे इस पुल से लोगों को काफी सुविधा हो रही थी। ठीक बारिश के मौसम में पुल गिरने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। गांव के लोगों ने मांग की है कि पुल का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए। साथ ही पुल टूटने के कारणों की जांच की जाए।
डीएम को भेजे पत्र में त्रिभुवन खोलिया, उमेश कोलिया, प्रकाश बोरा, गोविंद अधिकारी, निर्मला देवी, तारा देवी, राधा देवी, सीमा देवी आदि ने कहा कि यदि नए पुल का जल्द निर्माण नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे। पुल टूटने के बाद अब तक किसी भी अधिकारी ने उस स्थान का दौरा नहीं किया है।