पिथौरागढ़ हवाई पट्टी में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, मंत्री धन सिंह रावत।
- फोटो : अमर उजाला
नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित उड़ान शुरू करने में बाधक बन रहे मकानों का फिर से सर्वे होगा। ऐसे में नैनीसैनी से जल्दी उड़ान शुरू होने की संभावना कम ही है।
नैनीसैनी हवाई पट्टी पर ट्रायल के तहत आठ अक्तूबर को हवाई जहाज उतरा था। नौ अक्तूबर को केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी की मौजूदगी में बाकायदा हवाई पट्टी पर विमान उतारा गया था।
उस समय मंत्री और अधिकारियों के साथ ही हेरिटेज एविएशन के सीईओ ने भी सभी तैयारियां पूरी होने के साथ ही लाइसेंस जारी होने का दावा किया था। बाद में पता चला कि हवाई पट्टी के समीप बने चार मकानों के बाधा बनने के कारण नागरिक उड्डयन विभाग के डीजी की ओर से लाइसेंस ही जारी नहीं किया गया। पिछले माह हवाई पट्टी में तैनात एटीसी, फायर सर्विस सहित अन्य स्टाफ भी वापस चला गया।
इस मामले में सरकार की भी खासी किरकिरी हुई थी। निकाय चुनाव होने के कारण एक माह तक बंद रही उड़ान शुरू करने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। सोमवार को पिथौरागढ़ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने जिलाधिकारी सी रविशंकर से उड़ान शुरू करने के संबंध में तैयारी की जानकारी ली। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ मकानों के बाधक बनने के कारण उड़ान समय पर शुरू नहीं हो सकी। इसके लिए एक बार फिर से सर्वे किया जाएगा। भवन स्वामियों से भी बातचीत की जा रही है।